मेरठ: रैपिड-मेट्रो कॉरिडोर के साथ ही अब मेरठ शहर की अंदरूनी सड़कों का भी कायाकल्प होने जा रहा है। गढ़ रोड के बाद अब बच्चा पार्क से कमिश्नरी चौराहा और कमिश्नरी आवास चौराहे से सर्किट हाउस तक सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कों का काम शुरू हो गया है। उम्मीद है कि 15 महीने बाद जब लोग इन सड़कों से गुजरेंगे तो उन्हें बेंगलुरु की सड़कों जैसा आधुनिक और व्यवस्थित अनुभव होगा।

तार और नाले होंगे भूमिगत, शहर दिखेगा सुंदर शनिवार को महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने नारियल फोड़कर इन दोनों सड़कों के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस मौके पर कैंट विधायक अमित अग्रवाल और भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी भी मौजूद थे। महापौर ने बताया कि इन सड़कों को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि शहर की खूबसूरती में चार चांद लग जाएंगे। न तो बिजली के तार हवा में झूलते दिखेंगे और न ही सड़क किनारे खुले नाले नजर आएंगे। बिजली की केबल और जल निकासी लाइनें दोनों भूमिगत होंगी।

सड़कों पर गाड़ियों की पार्किंग के लिए भी जगह तय की जाएगी, जिससे जाम की समस्या कम होगी। इसके अलावा, सड़कों के दोनों ओर फुटपाथ बनाए जाएंगे और दूरसंचार की लाइनों के लिए अलग से डक्ट की व्यवस्था होगी। ये सभी बदलाव शहर की सुंदरता और व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे।

47 करोड़ की लागत, 15 महीने में पूरा होगा काम मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार ने बताया कि इस पूरे प्रोजेक्ट को 15 महीने की समय सीमा में पूरा करना है। कमिश्नरी चौराहा से बच्चा पार्क चौराहा तक 1.62 किलोमीटर लंबी सड़क पर करीब 27 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वहीं, कमिश्नरी आवास चौराहे से सर्किट हाउस तक 1.02 किलोमीटर लंबी सड़क पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस तरह, कुल लागत 47 करोड़ रुपये है।

ठेकेदारों को अगले पांच साल तक इन सड़कों का रखरखाव भी करना होगा, जिससे इनकी गुणवत्ता बनी रहेगी। निर्माण के दौरान ट्रैफिक को मोड़ा जाएगा ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो। इस पहल से मेरठ की सड़कें निश्चित रूप से एक आधुनिक शहर की पहचान बनेंगी।

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