मामला वाराणसी जनपद के कैंट थाना क्षेत्र में आने वाले होटल डी पेरिस में गरबा/डांडिया के कार्यक्रम का
varanasi news: वाराणसी। बताते चले कि शारदीय नवरात्र आते ही जनपद में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम भी प्रारम्भ हो जाते है। जिसमें जनपद के विभिन्न संस्थानों के द्वारा नवरात्रि में गरबा व डांडिया का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है। इसी समाज में कुछ ऐसे भी लोग है जो परम्परा को परम्परा की तरह मनाते है, परन्तु इसी समाज में कुछ ऐसे भी लोग है जिनके द्वारा परम्पराओं का भी बाजारीकरण कर दिया गया है।
सूत्र बताते है कि जनपद के ही एक आयोजक व अपने आपको व्यापार मण्डल का कथित पदाधिकारी बताने वाले लोगों के द्वारा शहर के कैंट थाना क्षेत्र में आने वाले होटल डी पेरिस में 30 सितम्बर को नवरात्रि के मद्देनजर एक गरबा/डांडिया का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें प्रसिद्ध भोजपुरी गायक पवन सिंह को मुख्य आकर्षण के तौर पर बुलाया गया था। वहीं आम लोगों के द्वारा इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिये 500 व 1000 रूपये का टिकट भी करीब हजारों लोगों के द्वारा खरीद लिया गया था।
मगर यह कार्यक्रम फीका तब पड़ा जब आगरा के एक सोशल एक्टिविस्ट अमन गुप्ता के द्वारा इस कार्यक्रम के सम्बन्ध में पुलिस आयुक्त वाराणसी मोहित अग्रवाल से शिकायत कर दी गयी। वहीं अमन गुप्ता के द्वारा दिये गये शिकायत में दर्शाया गया है कि वाराणसी के थाना कैंट क्षेत्र में आने वाले होटल डी पेरिस में 30 सितंबर 2025 को भोजपुरी स्टार पवन सिंह के नाम पर डांडिया रास का आयोजन करने के नाम पर 500 में सैकड़ों टिकट बेचे जा चुके हैं। इस आयोजन को इवेंट प्लानर अनिल साहू के द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया पर प्रचारित किया जा रहा है। जहां पवन सिंह के नाम पर हजारों की संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है, ऐसे में जहां एक ओर नवरात्रि और हिंदू संस्कृति की आड़ में व्यापार किया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर भीड़ जुटने से अफरा तफरी की स्थिति भी हो सकती है।
एक अनुमान के मुताबिक अब तक होटल डी पेरिस में डांडिया रास के नाम पर इवेंट प्लानर अनिल साहू और उसकी टीम ने 500 से 1000 रूपये में हजारों टिकट बेच दिए हैं। जिसका संज्ञान न तो वाराणसी के जिला मनोरंजन अधिकारी ने लिया है और ना ही जीएसटी डिपार्मेंट ने लिया है। इसके पीछे मनोरंजन विभाग के कई भ्रष्ट अधिकारियों के द्वारा मोटी रकम लेकर अनुमति देने की साजिश करने की शिकायत है। साथ ही सुरक्षा के लिए कैंट थाने को कोई सूचना नहीं दी गई है। कुल मिलाकर यह पूरा आयोजन सनातन धर्म की आड़ में टिकट बेचकर लाखों रुपए कमाने की योजना है। इसके अलावा पवन सिंह के नाम पर जिन्होंने टिकट खरीदा है उनके साथ धोखाधड़ी का भी मामला है।
साथ ही आयोजक अनिल साहू और उनकी टीम के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित किये जाने व जिन लोगों ने डांडिया रास के नाम पर रुपया जमा किया है, उनका पूरा रुपया वापस कराये जाने की बात कही गयी है। वहीं इस मामले की जानकारी थाना कैंट के प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्रा को होने के बाद उनके द्वारा 29 सितम्बर को होटल प्रबंधन को नोटिस जारी कर दिया गया। नोटिस में कहा गया है कि होटल डी-पेरिस में बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। होटल प्रबंधन द्वारा अलग-अलग काउंटर और ऑनलाइन माध्यम से टिकट बेचे जा रहे थे।
आयोजन में 3000 से 4000 लोग शामिल हो सकते हैं। इससे और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। वहीं एसीपी कैंट नितिन तनेजा के द्वारा बताया गया कि बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर अब होटल डी-पेरिस के जीएम राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि परमिशन न मिलने और मौसम खराब होने के चलते कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। साथ ही यह भी कहा गया कि अगली तारीख हम पूरी तैयारी के बाद घोषित करेंगे। जबकि दर्शकों का कहना था कि कार्यक्रम जब होगा तब होगा, अभी तो हमारे पैसे आयोजक लौटाएं।
टिकट धारकों का कहना था कि यह सीधा धोखाधड़ी है। वे इसकी सामूहिक शिकायत दर्ज कराएंगे। जब भीड़ हंगामा करने लगी और आयोजकों से टिकट का पैसा वापस करने की मांग करने लगी तो उसे लेकर मौके पर नोकझोंक शुरू हो गई, और स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाया गया। जहां पुलिस ने भीड़ को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन लोग खासे नाराज थे और वह मानने को तैयार नहीं थे।
आयोजकों के प्रति नाराजगी पुलिसकर्मियों को भी झेलनी पड़ी। साथ ही होटल में पहुंची युवतियों ने कहाकि आयोजकों ने उनके साथ धोखाधड़ी की है। उन्हें पहले ही पता था कि आयोजक भरोसेमंद नहीं हैं, लेकिन पवन सिंह जैसे बड़े कलाकार का नाम देखकर उन्होंने टिकट खरीदे थे। होटल प्रबंधन कार्यक्रम कराए या फिर पैसे तत्काल वापस करे। कुछ युवतियों ने बताया कि उन्होंने 5 से 7 हजार में टिकट बुक कराये थे।






