वाराणसी, 20 जुलाई 2024: श्रावण मास के दूसरे सोमवार को देखते हुए, वाराणसी के पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल ने आज कांवड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र और कांवड़ मार्ग का खुद भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ एक बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और मैदागिन, चौक, दशाश्वमेध घाट, गोदौलिया जैसे क्षेत्रों में पैदल गश्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

चाक-चौबंद व्यवस्थाएं सुनिश्चित :

कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें मार्ग सूचक बोर्ड, मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग दस्ते, अतिक्रमण मुक्त मार्ग, डेडिकेटेड ऑटो लेन, तीव्र चेकिंग व्यवस्था, महिला पुलिस की तैनाती, नो व्हीकल जोन का पालन, स्वच्छता का ध्यान, पुलिस चौकियों पर सुविधाएं, प्रशिक्षित गोताखोर, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, AI आधारित कैमरे, ANPR कैमरे, हर एक किलोमीटर पर पुलिसकर्मियों की तैनाती, और QRT टीम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को एक सम्मानजनक यात्रा का अनुभव देना है।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय श्री शिवहरि मीना, अपर पुलिस आयुक्त अपराध श्री राजेश सिंह सहित सभी संबंधित राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

अन्य महत्वपूर्ण निर्देश :

पुलिस आयुक्त ने कांवड़ यात्रा को और बेहतर बनाने के लिए कई अन्य निर्देश भी दिए :

  • संदिग्ध व्यक्तियों की जांच: प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति की गहनता से जांच की जाए और उनके गृह जनपद व प्रदेश से भी उनकी जानकारी ली जाए।
  • ANPR कैमरों का उपयोग: ANPR कैमरों की मदद से संदिग्ध वाहनों की लगातार चेकिंग की जाए।
  • नियमित चेकिंग: कांवड़ शिविरों, शिवालयों, धार्मिक स्थलों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और कांवड़ मार्गों व घाटों पर ए.एस. चेक टीम / बीडीडीएस टीम से नियमित रूप से चेकिंग कराई जाए।
  • सामुदायिक बैठकें: सभी सर्किल थाना क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों, संभ्रांत व्यक्तियों, ग्राम प्रहरियों, होटल/ढाबा संचालकों, कांवड़ शिविर संचालकों, डीजे संचालकों के साथ बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
  • संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल: श्रावण माह की कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मार्ग पर संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर निगरानी की जाए।
  • ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी: कांवड़ मार्गों की निगरानी ड्रोन से की जाए और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाते हुए उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए।
  • श्रद्धालुओं की सुरक्षा: श्रावण माह के दौरान आने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए और आवागमन वाले मार्गों पर पर्याप्त पुलिस प्रबंध किया जाए।
  • महिला पुलिस बल की तैनाती: महिला कांवड़ियों की सुरक्षा और सहायता के लिए मार्गों पर पर्याप्त महिला पुलिस बल भी तैनात किया जाए।
  • घाटों पर सुरक्षा: गंगा नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग की जाए और जल पुलिस के साथ प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की जाए।
  • अतिक्रमण मुक्त मार्ग और गश्त: सभी थाना प्रभारियों को कांवड़ यात्रा मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने, पुलिस पिकेट तैनात करने और पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
  • अंतर-जनपदीय समन्वय: सीमावर्ती जनपदों से समन्वय स्थापित कर कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को और भी सुदृढ़ किया जाए।
  • यातायात डायवर्जन प्लान: श्रावण माह के मद्देनजर किए जाने वाले यातायात डायवर्जन प्लान की एडवाइजरी समय से जारी की जाए।
  • ध्वनि मानक का पालन: कांवड़ यात्रा के दौरान म्यूजिक सिस्टम की ध्वनि निर्धारित मानक से अधिक न हो, जिससे किसी को कोई असुविधा न हो।
  • समन्वय और त्वरित कार्रवाई: कांवड़ मार्ग पर कांवड़ यात्रियों को होने वाली असुविधाओं के संबंध में संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर समय पर अवगत कराया जाए।
  • सौहार्दपूर्ण व्यवहार: ड्यूटी के दौरान सभी पुलिसकर्मी कांवड़ यात्रियों के प्रति सौहार्दपूर्ण और विनम्र व्यवहार रखें और सेवा भाव से अपने कर्तव्यों का दृढ़ता पूर्वक निर्वहन करें।

इन व्यापक तैयारियों के साथ, वाराणसी पुलिस प्रशासन श्रावण मास के दौरान कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुखद यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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