सुरेंद्र कुमार सेठ, एडवोकेट एवं अध्यक्ष (कार्यकारी), वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल, वाराणसी ने देश के करोड़ों स्वर्णकारों, कारीगरों और ज्वेलर्स की गंभीर समस्याओं को लेकर सरकार से राहत की मांग की।
वाराणसी। देशभर के स्वर्णकार, कारीगर और मध्यम वर्गीय ज्वेलर्स आज गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहे हैं। इसी को लेकर सुरेंद्र कुमार सेठ, एडवोकेट एवं अध्यक्ष (कार्यकारी), वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल, वाराणसी ने स्वर्णकार समाज की ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।
धर्मनगरी काशी, जो विश्व प्रसिद्ध स्वर्ण शिल्प की पहचान रही है, आज उसी काशी का स्वर्णकार भय, अवसाद और असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर है। सुरेंद्र कुमार सेठ, एडवोकेट एवं अध्यक्ष (कार्यकारी), वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल का कहना है कि हालात अगर ऐसे ही रहे, तो यह पुश्तैनी उद्योग समाप्ति की ओर चला जाएगा।
सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों से तबाह हुआ व्यापार – वर्तमान समय में सोने की कीमत ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3 लाख प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। सुरेंद्र कुमार सेठ, एडवोकेट एवं अध्यक्ष (कार्यकारी), वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल, वाराणसी के अनुसार, इस अप्रत्याशित वृद्धि ने आम जनता की क्रय शक्ति को पूरी तरह खत्म कर दिया है। मध्यम और छोटे ज्वेलर्स का व्यापार 70–80% तक गिर चुका है। शादियों के सीजन में भी शोरूम खाली पड़े हैं। ग्राहक केवल पुराने गहनों की अदला-बदली तक सीमित रह गए हैं।
कारीगरों का पलायन बना गंभीर चिंता – काम की कमी के कारण वाराणसी सहित पूरे देश में लाखों स्वर्णकार कारीगर भुखमरी की कगार पर हैं। सुरेंद्र कुमार सेठ, एडवोकेट एवं अध्यक्ष (कार्यकारी), वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल ने बताया कि मजबूरी में कारीगर अपने पारंपरिक हुनर को छोड़कर मजदूरी करने को विवश हो रहे हैं।
GST प्रणाली में सुधार की मांग – ज्वेलरी सेक्टर में वर्तमान GST ढांचा (3% धातु पर और 5% मेकिंग चार्ज पर) छोटे और मध्यम ज्वेलर्स के लिए जटिल बन गया है। सुरेंद्र कुमार सेठ, एडवोकेट एवं अध्यक्ष (कार्यकारी), वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल, वाराणसी ने मांग की मेकिंग चार्ज पर GST की दर कम की जाए, पुरानी ज्वेलरी की खरीद-फरोख्त पर स्पष्ट नियम बनाए जाएं, छोटे ज्वेलर्स को अनुपालन में राहत दी जाए।
ज्वेलर्स की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल – आज ज्वेलर्स अपराधियों के सॉफ्ट टारगेट बन चुके हैं। लूट, छिनैती और हत्याओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सुरेंद्र कुमार सेठ, एडवोकेट एवं अध्यक्ष (कार्यकारी), वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल ने मांग की ज्वेलरी बाजारों में विशेष पुलिस गश्त, आधुनिक CCTV नेटवर्क, आत्मरक्षा हेतु शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।
BNS धारा 317 के दुरुपयोग पर कड़ा विरोध – भारतीय न्याय संहिता की धारा 317 (पूर्ववर्ती IPC 411/412) का दुरुपयोग स्वर्णकार समाज के लिए सबसे बड़ी पीड़ा बन गया है। सुरेंद्र कुमार सेठ, एडवोकेट एवं अध्यक्ष (कार्यकारी), वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल, वाराणसी का कहना है कि केवल संदेह के आधार पर निर्दोष ज्वेलर्स को आरोपी बनाया जाता है।ठोस सबूत के बिना गिरफ्तारी मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि CCTV, कॉल रिकॉर्ड जैसे पुख्ता प्रमाण के बिना किसी ज्वेलर पर कार्रवाई न हो।
प्रमुख सुझाव और मांगें – सुरेंद्र कुमार सेठ, एडवोकेट एवं अध्यक्ष (कार्यकारी), वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल ने सरकार से निम्न मांगें रखीं राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण आयोग का गठन, BNS धारा 317 पर स्पष्ट गाइडलाइंस, छोटे ज्वेलर्स के लिए सस्ती बीमा योजना, कारीगरों और ज्वेलर्स को ब्याज मुक्त ऋण।
अंत में सुरेंद्र कुमार सेठ, एडवोकेट एवं अध्यक्ष (कार्यकारी), वाराणसी स्वर्णकार व्यापार मंडल, वाराणसी ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वर्णकार समाज को भयमुक्त वातावरण मिलेगा और यह पारंपरिक उद्योग पुनः मजबूती के साथ खड़ा होगा।




