सवाल जो हर किसी के मन में है, आयकर विभाग ने क्यों साधी चुप्पी?

वाराणसी: दीपावली के त्योहार से ठीक पहले वाराणसी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सिगरा इंस्पेक्टर संजय मिश्रा के नेतृत्व में चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान करीब 11 क्विंटल (1129 किलोग्राम) चांदी के जेवर के साथ चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। बाजार में इस चांदी की कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

कैसे हुई गिरफ्तारी? – सिगरा पुलिस, रोडवेज चौकी इंचार्ज और हमराहियों के साथ रोडवेज पर नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान लहरतारा से चौकाघाट की ओर जा रही एक टाटा मैजिक (नंबर UP 65 HT 2827) पर पुलिस की नज़र पड़ी। गाड़ी ओवरलोड थी, जिस पर शक होने पर उसे रोका गया।

तलाशी में पुलिस भी हैरान रह गई। गाड़ी के अंदर बड़ी मात्रा में चांदी के जेवर पैक करके रखे गए थे। इसके बाद पुलिस टीम तत्काल टाटा मैजिक को सिगरा थाने ले आई, जहां दिन भर गहन जाँच-पड़ताल चली।

आयकर विभाग की टीम सिगरा थाने में – चांदी की भारी मात्रा देखते हुए सिगरा इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्र ने तुरंत आयकर विभाग को सूचना दी। विभाग की टीम भारी संख्या में थाने पहुंची और वज़न मशीन मंगाकर चांदी की गिनती और वज़न शुरू किया। जिसका कुल वज़न 1129 किलोग्राम निकला।

गिरफ्तार किए गए चारों युवकों से जब प्रभारी निरीक्षक सिगरा ने सख़्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे यह माल चौकाघाट स्थित संजय ट्रांसपोर्ट पर लेकर जा रहे थे। वहाँ से संबंधित व्यापारी अपने कागजात दिखाकर माल ले जाते थे।

संतोषजनक जवाब और वैध कागजात न मिलने पर, सिगरा पुलिस ने बरामद की गई पूरी चांदी को आगे की कार्रवाई के लिए आयकर विभाग के अधिकारियों को सुपुर्द कर दिया।

सिगरा थाने में दिनभर यह मामला सुर्खियों में रहा। जब इतनी बड़ी मात्रा में चांदी पकड़ी गई, तो मीडियाकर्मी भी स्वाभाविक रूप से कवरेज के लिए थाने पहुंचे।

लेकिन, आयकर विभाग की टीम ने मीडियाकर्मियों से बात करने से साफ़ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, विभाग के अधिकारियों ने पत्रकारों को थाने के परिसर से भी बाहर जाने को कह दिया।

आयकर विभाग की यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है कि आखिर आयकर विभाग की ऐसी क्या मजबूरी थी जो उन्होंने मीडिया कर्मियों से बात करने से इनकार किया? मामले की गंभीरता को देखते हुए, क्या विभाग किसी बड़े सिंडिकेट के खुलासे की तैयारी में है? या फिर, कागजातों की जाँच में कोई ऐसी पेचीदगी है, जिसे अभी सार्वजनिक करना उचित नहीं समझा गया?

फ़िलहाल, पुलिस ने अपनी तरफ से कार्रवाई पूरी कर ली है, लेकिन अब सबकी निगाहें आयकर विभाग पर टिकी हैं कि वे इस करोड़ों की चांदी और इसके पीछे के असली व्यापारियों को लेकर क्या खुलासा करते हैं।

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