थाना आदमपुर पुलिस ने मोबाइल चोरी और सिम पोर्ट कर बैंक खातों से पैसे उड़ाने वाले शातिर गिरोह को पकड़ा। 09 मोबाइल बरामद, गैंगस्टर और साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई। पढ़ें पूरी खबर।

वाराणसी: पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना आदमपुर पुलिस ने सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो न केवल मोबाइल चोरी करता था, बल्कि पोर्टिंग (Porting) के जरिए बैंक खातों से लाखों रुपये भी साफ कर देता था।

प्रमुख बिंदु: थाना आदमपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई – अभियुक्तों की गिरफ्तारी: 08 अप्रैल 2026 को महेशपुर इंडस्ट्रियल एरिया (मडुवाडीह) से। बरामदगी: 09 मोबाइल फोन (07 एंड्रॉयड और 02 कीपैड)। अपराध का तरीका: मोबाइल चोरी कर सिम पोर्ट कराना और UPI के जरिए पैसे निकालना।

वाराणसी पुलिस की संयुक्त टीम को मिली सफलता पुलिस उपायुक्त जोन काशी के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली व प्रभारी निरीक्षक आदमपुर के कुशल नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। थाना आदमपुर पुलिस, सर्विलांस सेल और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर आशीष पाल और विनोद यादव नामक दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनके पास से चोरी के कुल 9 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ मु0अ0स0-059/2026 धारा-303(2) BNS, 66D IT Act के साथ ही धारा 317(2), 318(4) BNS के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।

घटना का सनसनीखेज विवरण: सिम पोर्ट कर खाते से उड़ाए 1.5 लाख मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने तहरीर दी कि 11 मार्च 2026 को कोनिया से लखनऊ जाते समय उसका मोबाइल चोरी हो गया था। पीड़ित ने जब नया सिम लेने की कोशिश की, तो पता चला कि उसके सिम को किसी ने Jio से Airtel में पोर्ट करा लिया है। शातिरों ने नई UPI-ID बनाकर पीड़ित के बैंक खातों से लगभग 1,50,000 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर कैश निकाल लिए थे।

पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा: ‘पोर्टिंग’ बना हथियार गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे चोरी किए गए मोबाइल का लॉक तोड़ देते थे। यदि लॉक नहीं टूटता था, तो वे सिम निकालकर दूसरे फोन में डालते और UPI आईडी का पासवर्ड रिसेट कर लेते थे।

शातिरों की चालाकी: > “अगर बैंक खाते में ज्यादा पैसा होता और तुरंत नहीं निकल पाता, तो हम सिम को दूसरे ऑपरेटर में पोर्ट करा लेते थे। इससे पीड़ित का पुराना सिम बंद हो जाता था और हमें कई दिनों तक पैसा निकालने का समय मिल जाता था।”

अभियुक्तों का प्रोफाइल और आपराधिक इतिहास आशीष पाल (उम्र 26 वर्ष): निवासी चौबेपुर, वाराणसी। इसके खिलाफ कैंट और चोलापुर थाने में गैंगस्टर एक्ट सहित चोरी के 5 मामले दर्ज हैं। विनोद यादव (उम्र 40 वर्ष): निवासी भदोही। यह एक शातिर अपराधी है जिसके खिलाफ जौनपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज GRP और भदोही में NDPS, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और लूट जैसे 14 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार करने वाली टीम इस महत्वपूर्ण सफलता में प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार मिश्रा, उ0नि0 अजय कुमार, उ0नि0 सौरभ सिंह, उ0नि0 अभय गुप्ता और साइबर सेल से का0 विराट सिंह व सर्विलांस सेल से का0 अश्वनी सिंह की मुख्य भूमिका रही।

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