वाराणसी की दालमंडी गली का चौड़ीकरण अब मिशन मोड में है। सीएम योगी के निर्देश पर 5 जनवरी से दोबारा ध्वस्तीकरण शुरू होगा। जानें मुआवजे और नई सड़क की पूरी योजना।
वाराणसी: काशी की घनी आबादी और प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में पहचानी जाने वाली वाराणसी की दालमंडी गली का चौड़ीकरण अब अपनी रफ्तार पकड़ने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद वाराणसी प्रशासन इस प्रोजेक्ट को मिशन मोड में पूरा करने में जुट गया है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने साफ कर दिया है कि 5 जनवरी के बाद से क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई दोबारा शुरू की जाएगी।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने चौड़ीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए चौक थाने में एक विशेष कैंप कार्यालय खोल रखा है। वाराणसी की दालमंडी गली का चौड़ीकरण कार्य के अंतर्गत कुल 186 भवनों को चिह्नित किया गया है। अधिशासी अभियंता केके सिंह के अनुसार, अब तक 40 मकान मालिकों ने अपनी रजिस्ट्री सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। प्रशासन ने क्षेत्र में मुनादी करवाकर उन सभी लोगों को सचेत कर दिया है जिन्होंने रजिस्ट्री करवा ली है और मुआवजा प्राप्त कर लिया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर अपने मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
वाराणसी की दालमंडी गली का चौड़ीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का हिस्सा है। उन्होंने अपने 51वें काशी दौरे के दौरान इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। इस योजना की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: बजट: राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए 215.88 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मुआवजा: 186 भवन और दुकान स्वामियों को कुल 191 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना है। लंबाई और चौड़ाई: नई सड़क से चौक थाने तक 650 मीटर लंबी सड़क को 60 फुट चौड़ा किया जाएगा। सुविधाएं: इसमें 30 फुट की मुख्य सड़क होगी और दोनों ओर 15-15 फुट की पटरी होगी। बिजली, सीवर और पानी की सभी लाइनें अंडरग्राउंड होंगी, जिससे तारों का जंजाल खत्म हो जाएगा।
नवंबर में कुछ मकानों के ध्वस्तीकरण के बाद कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। लेकिन अब नगर निगम और पुलिस विभाग के साथ बैठक के बाद वाराणसी की दालमंडी गली का चौड़ीकरण कार्य को तेजी से पूरा करने की कार्ययोजना तैयार है। केके सिंह ने बताया कि रोजाना 15 से 20 लोग रजिस्ट्री के लिए पूछताछ करने आ रहे हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दालमंडी एक ‘मॉडल सड़क’ के रूप में नजर आएगी। चौड़ीकरण से न केवल आवाजाही सुगम होगी, बल्कि व्यापारियों को भी अपना व्यवसाय बेहतर तरीके से चलाने का मौका मिलेगा। वाराणसी की दालमंडी गली का चौड़ीकरण काशी के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा बदलाव साबित होगा।









