वाराणसी: युवाओं को कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली से रूबरू कराने के लिए वाराणसी पुलिस ने एक नई और सकारात्मक पहल की शुरुआत की है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के सशक्त निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) नम्रता श्रीवास्तव के नेतृत्व में कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस द्वारा SPEL 3.0 (स्टूडेंट पुलिस एक्सपीरिएंशियल लर्निंग) कार्यक्रम का शुभारंभ जिले के विभिन्न थानों पर भव्य रूप से किया गया है। SPEL 3.0 कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को पुलिसिंग के व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है। यह सिर्फ एक ट्रेनिंग नहीं, बल्कि युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र कानून व्यवस्था में अपने योगदान को समझ सकेंगे और उनमें सामुदायिक सेवा की भावना प्रबल होगी।

SPEL 3.0 कार्यक्रम के प्रमुख लाभ: बहुआयामी प्रशिक्षण: छात्रों को अपराध रोकथाम, ट्रैफिक प्रबंधन, साइबर सुरक्षा जागरूकता और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ट्रेनिंग दी जाएगी। पुलिस की भूमिका की समझ: युवा पुलिस की दैनिक चुनौतियों, भारी वर्कलोड और उनकी कार्यशैली को करीब से देख सकेंगे। सकारात्मक छवि का निर्माण: समाज में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा और एक सकारात्मक छवि निर्मित होगी। शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन: जिला एनएसएस अधिकारी डॉ. अभिषेक दत्त त्रिपाठी और उनकी टीम के प्रयासों से कुल 155 छात्रों का पोर्टल पर शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया गया है।

आज दिनांक 16 जनवरी 2026 को पुलिस मुख्यालय लखनऊ में पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार द्वारा SPEL 3.0 कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा बैठक की गई। बैठक के दौरान उन्होंने वाराणसी पुलिस की तैयारियों को प्रदेश में मॉडल के रूप में सराहा।

“वाराणसी पुलिस ने 155 छात्रों का पोर्टल पर शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित कर एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह कार्यक्रम युवा पीढ़ी के मन में पुलिस के प्रति नई सकारात्मक सोच विकसित करेगा।” – राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक (PHQ)

समीक्षा बैठक के दौरान श्री राजेश कुमार ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए ताकि SPEL 3.0 का लाभ जमीनी स्तर पर दिखे: ट्रैफिक मैनेजमेंट: युवाओं को शहर के ट्रैफिक हॉट स्पॉट्स पर ले जाया जाएगा ताकि वे यातायात प्रबंधन की बारीकियों को समझ सकें। माय भारत पोर्टल: कार्यक्रम की दैनिक प्रगति रिपोर्ट को नियमित रूप से ‘माय भारत पोर्टल’ पर अपलोड किया जाएगा। फील्ड विजिट और वर्कशॉप: छात्रों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि व्यावहारिक फील्ड विजिट, सिमुलेशन एक्सरसाइज और वर्कशॉप के माध्यम से सिखाया जाएगा।

SPEL 3.0 के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार युवाओं पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव डाले। जब युवा पुलिस की ड्यूटी, उनकी ट्रेनिंग और उनके संघर्ष को समझेंगे, तो समाज और पुलिस के बीच विश्वास की डोर और मजबूत होगी। कार्यक्रम के अंत में सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे। वाराणसी पुलिस की इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह प्रदेश में नवाचार और जन-सेवा के मामलों में अग्रणी है।

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