हजार रुपये की नौकरी वाला बना करोड़ों का तस्कर?, युवाओं का ‘गोल गिरोह’ और अवैध प्रचार, वाराणसी पुलिस हुई सतर्क, कमिश्नर ने दिए निर्देश
वाराणसी। हाल ही में गाजियाबाद में पकड़ी गई प्रतिबंधित कफ सिरप की भारी खेप ने एक बड़े तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसके तार वाराणसी से लेकर बांग्लादेश तक फैले हुए हैं। इस मामले में वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल को इस गिरोह का कथित मुख्य सरगना माना जा रहा है।
गाजियाबाद की नंदग्राम थाना पुलिस ने शुभम जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब वाराणसी पुलिस से उसके संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
हजार रुपये की नौकरी वाला बना करोड़ों का तस्कर?- शुभम जायसवाल के इस काले कारोबार का खुलासा होने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जो अधिकारियों सहित आम आदमी को भी सोचने पर मजबूर कर रहे हैं:
- कुछ समय पहले तक दवा की दुकान पर हजार रुपये की नौकरी करने वाले व्यक्ति का नेटवर्क अचानक इतने राज्यों तक कैसे फैल गया?
- उसके पास महंगी गाड़ियों का काफिला और यह अकूत संपत्ति कहां से आई?
- क्या सत्ता पक्ष और अन्य राजनीतिक संरक्षण के बिना इस ‘जहर’ की तस्करी संभव थी?
सूत्रों के अनुसार, शुभम जायसवाल को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। यह भी बताया जा रहा है कि जनपद के कई भगवाधारी नेता और तथाकथित पत्रकार भी इस जहर के कारोबारी को संरक्षण दे रहे थे।
युवाओं का ‘गोल गिरोह’ और अवैध प्रचार – सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि शुभम जायसवाल ने अपने काले धन के दम पर युवाओं का एक बड़ा ‘गोल गिरोह’ बना रखा था, जो इस अवैध कारोबार में पूरा सहयोग करते थे। इसके अलावा, उसने शहर भर में बड़े-बड़े होर्डिंग्स और बैनर लगवाए थे, जिनमें अपने नाम के साथ ‘अधिवक्ता’ भी जोड़ रखा था। नगर निगम ने इन अवैध होर्डिंग्स-बैनर के लिए उस पर लाखों रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
गाजियाबाद में हुई थी बड़ी बरामदगी – शुभम जायसवाल का नाम तब चर्चा में आया, जब सोनभद्र पुलिस की सूचना पर 3 नवंबर को गाजियाबाद में चार ट्रक प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की गई। यह भारी खेप बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजी जानी थी। पूछताछ में ही वाराणसी के शुभम जायसवाल का नाम सामने आया। फिलहाल, मुकदमा दर्ज होने के बाद से शुभम और उसके करीबी भूमिगत होने की कोशिश कर रहे हैं।
वाराणसी पुलिस हुई सतर्क, कमिश्नर ने दिए निर्देश – इस मामले में वाराणसी के शुभम जायसवाल का नाम सामने आने के बाद वाराणसी पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा, “कफ सिरप तस्करी मामले में जांच के दायरे में आए शुभम जायसवाल समेत सभी संदिग्धों पर चैबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है। गाजियाबाद पुलिस को हर संभव सहायता दी जा रही है। अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
कमिश्नर ने आगे स्पष्ट किया कि वाराणसी में सक्रिय ऐसे नेटवर्कों पर निर्णायक प्रहार के लिए एसओजी-1 को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है।
विदेश यात्राएं और आर्थिक लेनदेन जाँच के दायरे में – जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शुभम जायसवाल की विदेश यात्राओं, आर्थिक लेनदेन और फंडिंग स्रोतों की भी बारीकी से जांच चल रही है। पुलिस इस रैकेट के आर्थिक ढांचे और सप्लाई चैन की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पहले पकड़े गए आरोपियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड्स की भी दोबारा जांच शुरू कर दी गई है।
कमिश्नर अग्रवाल ने साफ संदेश दिया है: “कोई भी व्यक्ति यह न समझे कि वह बच जाएगा। कार्रवाई साक्ष्यों पर आधारित है और साक्ष्य लगातार मजबूत हो रहे हैं।”







