कफ सिरफ तस्करी के आरोपी शुभम जायसवाल ने जारी किया वीडियो, वीडियो जारी करने का मकसद कहीं इस अवैध कार्य से जुड़े सत्ता पक्ष के लोगों को बचाना तो नहीं, जारी वीडियों में अखिलेश यादव का भी किया जिक्र, कहा- ‘मुझे झूठे केस में फंसाया गया’, नारकोटिक्स अफसरों पर पैसे वसूलने और राजनीतिक रंग देने का लगाया आरोप, संसद में मामला उठाये जाने पर भी जताया आपत्ति
वाराणसी। सड़क से लेकर संसद तक चर्चा का विषय बने जहरीले कफ सीरप के मामले में आज उस वक्त खलबली मच गयी, जब इस मामले के मुख्य आरोपी बताये जाने वाले शुभम जायसवाल के द्वारा एक वीडियों को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिसे तमाम यूट्यूबर व वेब न्यूज चैनल के द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित व प्रसारित किया गया। जिसमें अफसरों सहित तमाम राजनैतिक दलों के लोगों पर आरोप लगाने के साथ ही अपने आपको निर्दोश बताया जा रहा है।
वहीं यदि बात की जाये तो पिछले दिनों एसटीएफ के द्वारा गिरफ्तार किये गये शुभम के सहयोगी अमित सिंह टाटा व उसके पिता भोला जायसवाल व एसटीएफ के सस्पेंड सिपाही आलोक सिंह के द्वारा दिये गये अपने बयान के एक सुर में सारे मामले का आरोपी शुभम जायसवाल को बताया गया है।
अब देखना यह है कि क्या शुभम जायसवाल अपने ही लोगों के द्वारा लगाये गये आरोपों से कैसे पल्ला झाड़ सकते है। या यूं कहे तो शुभम के द्वारा वीडियों वायरल कर अपनी सफाई पेश करने का असल मकसद कहीं ये तो नहीं कि इस अवैध कार्य से जुड़े सत्ता पक्ष के लोगों का बचाव करना तो नहीं है। फिलहाल ये तो भविष्य के गर्भ में है, जो आने वाले समय में ही पता चल पायेगा।
अब यदि बात की जाये तो ईडी के कसते शिकंजे के बीच शुक्रवार को कफ सिरप तस्करी का मुख्य आरोपी बताये जाने वाले शुभम जायसवाल के द्वारा एक वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाया हैं। ईडी के द्वारा दिये गये नोटिस और उसके पिता भोला जायसवाल के गिरफ्तारी के बाद जारी हुये वीडियो में शुभम ने कहा है कि उसे एक झूठे और राजनीतिक रूप से प्रेरित मामले में फंसाया जा रहा है।
साथ ही शुभम ने नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों पर अवैध धन उगाही और गलत तरीके से मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है। उक्त वीडियो में शुभम जायसवाल के द्वारा दावा किया जा रहा है कि नारकोटिक्स विभाग के एक अधिकारी ने उस पर अवैध तरीके से पैसे मांगने का दबाव बनाया। उसके अनुसार, अधिकारी के कहने पर ही गाजियाबाद में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
शुभम ने कहा कि इस पूरे मामले को बेवजह राजनीतिक रूप दिया जा रहा है, जिससे उसकी छवि खराब हुई है। साथ ही वीडियों में शुभम के द्वारा अपने बचाव में कहा जा रहा है कि उसने कफ सिरप की खरीद-बिक्री अबॉट कंपनी के वैध लाइसेंस के आधार पर की थी। साथ ही सवाल भी किया है कि अगर मैं गलत हूं तो फिर अबॉट कंपनी पर क्यों कोई कार्रवाई नहीं की गई? सिर्फ मुझे ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
सदन में मुद्दा उठाने पर जताया अखिलेश यादव पर आपत्ति – वीडियो में शुभम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश अखिलेश यादव से भी अपील किया है कि “कृपया सदन में मेरे बारे में गलत मुद्दा न उठाएं। मेरे खिलाफ जो केस दर्ज है, वह पूरी तरह से गलत और साजिशन है।” जिसकी शुभम के द्वारा उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गयी है। वहीं अब शुभम जायसवाल का यह वीडियो सामने आने से यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है।







