पत्रकारवार्ता के माध्यम से उक्त अवैध कार्य में लिप्त होने के आरोप का किया खंडन, साथ ही कानूनी कार्रवाई करने की कही बात
विनय यादव
वाराणसी। जनपद के सिगरा थाने की पुलिस व एसओजी – 2 के द्वारा बीते सोमवार को सिगरा क्षेत्र में स्थित शक्ति शिखा बिल्डिंग में छापेमारी करते हुये सेक्स रैकेट का पर्दाफाश करते हुये कुछ महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें भाजपा नेत्री शालिनी यादव का उक्त फ्लैट बताते हुये सोशल मीडिया पर काफी अनर्गल पोस्ट को वायरल किया गया था। जिसके खिलाफ गुरूवार को उक्त फ्लैट के मालिक अरूण यादव व उनकी पत्नी शालिनी यादव के द्वारा एक पत्रकारवार्ता किया गया। जिसमें उनके द्वारा उक्त तथ्यों को प्रस्तुत किया गया।
पत्रकारवार्ता में भाजपा नेत्री शालिनी यादव के द्वारा बताया गया कि विगत दो दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर मेरे खिलाफ जानबूझकर तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर झूठी खबर फैलाई जा रही है कि मेरे कथित मालिकाना के फ्लैट में अवैधानिक गतिविधियां चल रही थी जिस पर पुलिस ने कार्रवाई की है। सोशल मीडिया की पोस्ट एवं कतिपय समाचारों में यह लिखा गया कि भाजपा नेत्री शालिनी यादव के फ्लैट में पुलिस द्वारा देह व्यापार पकड़ा गया जिसमें 13 लोग पकड़े गए। जबकि सच्चाई यह है कि उक्त फ्लैट की मालकिन या सहमालकिन ना तो मैं कभी थी ना वर्तमान में हूं।
इस स्थिति में शालिनी यादव का फ्लैट लिखकर इतना बड़ा आरोप लगाना कहां तक न्याय संगत है। जहां तक 13 लोगों की गिरफ्तारी की बात जो इन्हीं लोगों द्वारा फैलाई गई वह भी तथ्यहीन है क्योंकि पुलिस रिपोर्ट में उक्त फ्लैट से मात्र पांच लड़कियों को थाने पर ले जाने की बात लिखी गई है। जिन्हें सिगरा थाने से छोड़ दिया गया। जबकि अन्य 10 स्थित लोगों की गिरफ्तारी उक्त फ्लैट के अलावा किसी अन्य स्थान से पुलिस कार्रवाई में हुई है किंतु उक्त संख्या को भी मुझे बदनाम करने हेतु मेरे नाम की न्यूज में दर्शाकर सोशल मीडिया पर समाचार व पोस्ट लगाए हैं जो की दुर्भाग्यपूर्ण है।
साथ ही कहा कि मैं शिक्षित महिला होने के साथ गाजीपुर के गांव से अपनी लगन मेहनत से बीएचयू आईटी के टॉपर रहे एक पिता की पुत्री हूं जो कि सिंचाई विभाग में चीफ इंजीनियर के पद से रिटायर हुए हैं। मेरे सगे भाई-बहन देश एवं विदेश में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। मेरी मां के परिवार में कई लोग प्रशासनिक सेवा में हैं। जैसा कि सर्वविदित है कि मैं राज्यसभा के पूर्व सभापति एवं केंद्रीय मंत्री की बहू हूं, जिनकी सेवा और सच्चरित्र की चर्चा आज भी होती है। उन्हीं के पदचिन्हों पर चलकर जनता की सेवा ईमानदारी से कर रही हूं।
इन सभी तथ्यों को भली भांति जानते हुए भी इस तरह की बिना तथ्यों का सत्यापन किए घृणित लांछन लगाना एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। जिसमें विपक्षी दलों के राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और फेक आईडी ट्रॉलर्स शामिल है। सोशल मीडिया पर रीच बढ़ाने की होड़ में सनसनीखेज खबर व पोस्ट चलाने वाले कुछ कथित डिजिटल मीडिया एवं कतिपय लोगों ने एक महिला की प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ करने का कार्य किया है।
मेरे लीगल सहयोगी ऐसे सभी पोस्ट/समाचारों का अध्ययन कर रहे हैं जो सत्य से परे दुष्प्रचारित करने के उद्देश्य से पोस्ट व प्रकाशन किए गए अथवा कर रहे हैं। जिनके खिलाफ यथोचित विधिक मानहानि अथवा आईपीसी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया जा सके। ताकि भविष्य में बिना जांचे परखे किसी भी निर्दोष खासकर महिला पर झूठा आरोप न लग सके।
इसी क्रम में शक्ति शिखा सिगरा स्थित फ्लैट के मालिक अरूण यादव के द्वारा कहा गया कि उक्त प्रकरण में मैं यह स्पष्ट कर दूं कि मेलोडी स्पा नामक जगह का स्वामी ना तो मैं हूं ना ही कोई मेरा जानने वाला है। जबकि दूसरी जगह फ्लैट नंबर 112 शक्ति शिखा बिल्डिंग का वर्ष 1999 से मैं अकेला मालिक हूं। जिसका बिजली कनेक्शन, जलकर एवं निगम कर तन्हा मेरे नाम से है। चूंकि मेरा आवास महमूरगंज में है अतः उक्त फ्लैट को समय समय पर नियमानुसार एग्रीमेंट करके किराए पर पिछले 26 वर्षों से देता चला रहा हूं।
इस क्रम में पूर्व किराएदार द्वारा खाली किए जाने पर ब्रोकर के माध्यम से दिनांक 1 अप्रैल 2025 से अश्वनी त्रिपाठी पुत्र गोपाल त्रिपाठी निवासी चंदौली नामक व्यक्ति को एग्रीमेंट के माध्यम से मैने अपना उक्त फ्लैट किराए पर दिया। इस किरायेदारी एग्रीमेंट पर गवाहों की उपस्थिति में किराएदार से हस्ताक्षर कराया गया जिसका नोटरी भी कराया गया है। उक्त एग्रीमेंट में अन्य शर्तों के अलावा बिंदु 10 में यह स्पष्ट उल्लेखित है कि “ किराएदार उक्त फ्लैट में कोई भी गैरकानूनी अथवा अवैधानिक कार्य नहीं करेगा और यदि करता है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी उक्त किराएदार की ही होगी तथा फ्लैट मालिक का उसके कार्य से कोई लेना-देना नहीं होगा।
किराएदार द्वारा उसकी संस्था के कार्य का सरकार में रजिस्ट्रेशन की कॉपी भी मेरे द्वारा मांगे जाने पर अश्वनी त्रिपाठी ने उपलब्ध कराया था। यही नहीं किराए का भुगतान भी मेरे द्वारा हमेशा बैंक अकाउंट में आरटीजीएस द्वारा ही प्राप्त किया गया है। इस घटनाक्रम में पुलिस ने दो स्थानों पर छापेमारी की थी जिसमें मेलोडी स्पा से 10 लोगों की गिरफ्तारी दिखाई गई जबकि मेरे फ्लैट के किराएदार के यहां से मात्र तीन महिलाओं की गिरफ्तारी की गई जिन्हें पूछताछ के बाद सिगरा थाने से छोड़ भी दिया गया।
पुलिस द्वारा उक्त दोनों परिसरों के छापे के संदर्भ में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई है। जहां तक मेरे फ्लैट के किराएदार के प्रकरण में पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है उसमें पांच महिलाओं की गिरफ्तारी की बात है तथा फ्लैट स्वामी अथवा मेरा नाम का जिक्र ही नहीं है। जबकि सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा मेरे फ्लैट पर ही 13 लोगों की गिरफ्तारी का समाचार पोस्ट किया जा रहा है जो की पूर्णतः निराधार है।
आगे बताया कि जैसा कि आप सभी जानते हैं की मेरे पिताजी के लगभग 50 वर्षों की राजनीतिक जीवन में कभी कोई लांछन नहीं लगा और मुझ पर या मेरे परिवार पर किसी तरह का कोई एफआईआर अथवा कंप्लेन आज तक नहीं है। ऐसी स्थिति में मेरे द्वारा इस तरह के कार्य किए जाने की कल्पना कोई भी नहीं कर सकता है। किंतु मुझसे जुड़ी बातें जानने के बाद भी इस तरह का गलत दुष्प्रचार किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।







