अदालत ने कहा कि बार एसोसिएशन ने गुरु पूर्णिमा के कारण नो एडवर्स का प्रस्ताव पारित किया है। लिहाजा, जवाबदेही दाखिल करने के लिए एक मौका और देते हुए अगली सुनवाई पांच अगस्त को होगी।
Gyanvapi Case: ज्ञानवापी के जमीन की अदला-बदली की चुनौती देने वाली याचिका में विपक्षीगणों और प्रतिवादीगण ने जवाबदेही नहीं दाखिल की। अगली सुनवाई पांच अगस्त को होगी। वादी मुकदमा बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने अदालत को बताया कि प्रकरण में विपक्षी गण के खिलाफ 20 नवंबर 2024 को अदालत ने तामिला मान लिया है।
स्टेट के अधिवक्ता और ट्रस्ट के अधिवक्ता रवि पांडेय दावे की काॅपी ले चुके हैं। अंजुमन इंतजामिया भी मुकदमे में हाजिर है, लेकिन किसी ने भी जवाबदेही दाखिल नहीं की है। लिहाजा, सभी प्रतिवादीगण के खिलाफ जवाबदेही दाखिल करने का अवसर समाप्त किया जाए।
मुकदमे में कहा गया है कि प्लाॅट नंबर 8276 का स्वयं को मालिक बताते हुए अंजुमन इंतजामिया ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खरीदे गए भवन संख्या सीके 38/12, 13 से अदला-बदली कर ली, जो गलत और विधिविरूद्ध है।
अदालत से प्रार्थना किया गया है कि जमीन के अदला-बदली के लिए किए गए विनिमय प्रलेख 10 जुलाई, 2021 शून्य घोषित किया जाए। इसके साथ ही विश्वनाथ मंदिर पर कोटे में आने वाले समस्त अराजियात, 8276, 9130, 9131, 9132, 9133, 9134, 9135 मौजा शहर खास, परगना देहात अमानत पर स्वामित्व श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का घोषित किया जाए।
दीवानी प्रक्रिया संहिता के अनुसार, जवाबदेही दाखिल करने के लिए अधिकतम समय सीमा 90 दिन निर्धारित है।
