वाराणसी और चंदौली में वीडीए के भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में अवैध निर्माण जोरों पर है। मुगलसराय, अलीनगर और नाटीइमली, भेलूपुर, सिगरा, लंका जैसे इलाकों में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वीसी साहब जरा इस ओर भी दीजिये ध्यान।
वाराणसी/चंदौली: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और उससे सटे चंदौली जनपद में इन दिनों अवैध निर्माण का काला कारोबार अपनी जड़ें जमा चुका है। ताजा जानकारी के अनुसार, वीडीए के भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में अवैध निर्माण जोरों पर है। हैरानी की बात यह है कि वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के वीसी पूर्ण बोरा (वर्तमान कार्यभार के संदर्भ में) के सख्त निर्देशों के बावजूद जमीन पर स्थिति इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
मुगलसराय और अलीनगर बने अवैध निर्माण के हब – वाराणसी विकास प्राधिकरण के कार्य क्षेत्र में आने वाले वाराणसी से सटे चंदौली जनपद के मुगलसराय व अलीनगर में अवैध निर्माण का कार्य जोरों पर चल रहा है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वाराणसी के कुछ कथित बिल्डरों ने वीडीए के भ्रष्ट अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर ली है। इसी मिलीभगत का नतीजा है कि मुगलसराय व अलीनगर के इलाकों में बिना किसी नक्शा पास कराए या बिना परमिशन के बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी की जा रही हैं।
वीसी साहब जरा इस ओर भी दीजिये ध्यान – वाराणसी के इन कथित बिल्डरों ने चंदौली जनपद को अपनी अवैध कमाई का जरिया बना लिया है। शासन की मंशा है कि विकास व्यवस्थित हो, लेकिन यहाँ वीडीए के भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में अवैध निर्माण जोरों पर चल रहा है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वारा अधीनस्थों को समय-समय पर अवैध निर्माण रोकने के लिए कड़े आदेश और निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ऐसे में जनता अब गुहार लगा रही है कि— वीसी साहब जरा इस ओर भी दीजिये ध्यान, ताकि सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाने वालों पर नकेल कसी जा सके।
वाराणसी के मुख्य क्षेत्रों में भी धड़ल्ले से चल रहा काम – सिर्फ चंदौली ही नहीं, बल्कि वाराणसी शहर के प्रमुख इलाकों जैसे नाटीइमली, भेलूपुर, सिगरा, और लंका आदि क्षेत्रों में भी अवैध निर्माण का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इन क्षेत्रों में भी बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण कार्य जारी हैं। सूत्रों की मानें तो संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठे हैं। फिलहाल इन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने वाला कोई भी अधिकारी मौके पर सक्रिय नजर नहीं आता।
अब सवाल यह उठता है कि क्या इन रसूखदार बिल्डरों और भ्रष्ट अधिकारियों पर कभी गाज गिरेगी? इस पर क्या प्रभावी कार्रवाई होगी, यह तो फिलहाल भविष्य के गर्भ में है। बीएम ब्रेकिंग न्यूज की पड़ताल इस मामले में निरंतर जारी है।




