वाराणसी: पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत कैंट थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने “3 वर्ष से फरार 25000 का इनामिया न्यायालय की पत्रावली गायब करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार” कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पकड़ा गया अभियुक्त लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।

कोर्ट की फाइलें गायब करने का है संगीन आरोप – पूरा मामला साल 2023 का है, जब जनपद न्यायालय वाराणसी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुरेन्द्र ने थाना कैंट में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि तत्कालीन लिपिक राजाराम, जो न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) के कार्यालय में तैनात था, उसने अपनी अभिरक्षा से सरकारी पत्रावलियाँ (कोर्ट फाइल्स) गायब कर दी थीं। इस गंभीर अपराध के बाद से ही 3 वर्ष से फरार 25000 का इनामिया न्यायालय की पत्रावली गायब करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार होने से बच रहा था।

घेराबंदी कर घर से दबोचा गया इनामी अपराधी – पुलिस उपायुक्त (वरुणा जोन) द्वारा इस शातिर अपराधी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। प्रभारी निरीक्षक कैंट, शिवाकान्त मिश्र के नेतृत्व में गठित टीम ने सटीक सूचना के आधार पर 22 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 10:10 बजे अभियुक्त के पैतृक आवास ग्राम चांदपुर (थाना मंडुवाडीह) में दबिश दी। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर राजाराम (उम्र 58 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।

अभियुक्त का आपराधिक इतिहास – पकड़े गए अभियुक्त राजाराम के खिलाफ थाना कैंट में भ्रष्टाचार और अमानत में ख्यानत (धारा 409 भादवि) के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं : मु0अ0सं0 0370/2023, मु0अ0सं0 0371/2023, मु0अ0सं0 0372/2023, मु0अ0सं0 0373/2023

इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी में मुख्य भूमिका निभाने वाली टीम में शिवाकान्त मिश्र (प्रभारी निरीक्षक, थाना कैंट), उ0नि0 आशुतोष तिवारी, उ0नि0 अभिषेक सिंह शामिल रहे।

    वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। 3 वर्ष से फरार 25000 का इनामिया न्यायालय की पत्रावली गायब करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार होने के बाद अब पुलिस आगे की विधिक कार्यवाही में जुट गई है।

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