बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव और चंद्रबली पटेल ने दलीलें पेश कीं।

वाराणसी। शहर के हुकुलगंज इलाके में शराब पीकर उत्पात मचाने का विरोध करने पर एक दलित युवक और उसके परिवार पर हुए प्राणघातक हमले के मामले में एक नया मोड़ आया है। इस चर्चित मामले में “शराब पीकर उत्पात मचाने के विरोध पर दलित परिवार पर हमले के आरोपियों को मिली अंतरिम जमानत” की खबर ने कानूनी गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) सुधाकर राय की अदालत ने मामले के चार आरोपितों को बड़ी राहत प्रदान की है।

कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत, 5 मई को अगली सुनवाई – विशेष अदालत ने हुकुलगंज, पांडेयपुर निवासी आरोपित शोभा पटेल, विनोद पटेल, मनीष पटेल एवं मोनू पटेल की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए उन्हें 25-25 हजार रुपए की जमानत और बंधपत्र पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियमित जमानत के लिए अगली सुनवाई 5 मई को की जाएगी। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव और चंद्रबली पटेल ने दलीलें पेश कीं।

क्या था पूरा मामला? – अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना लालपुर-पाण्डेयपुर थाना क्षेत्र के नईबस्ती, हुकुलगंज की है। यहाँ के निवासी दलित युवक बंटी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसके पड़ोसी आए दिन बाहरी लड़कों को बुलाकर शराब और हुक्के की महफिल सजाते थे। शराब पीकर उत्पात मचाने के विरोध पर दलित परिवार पर हमले के आरोपियों को मिली अंतरिम जमानत से पहले इस मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

आरोप था कि 23 सितंबर 2025 को जब बंटी ने शोर-शराबे और गाली-गलौज का विरोध किया, तो आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए पूरे परिवार पर हमला बोल दिया।

हमले में सिर और चेहरे पर आई थीं गंभीर चोटें – बंटी का आरोप है कि मनीष पटेल, सोनू पटेल, मोनू पटेल और उनके साथियों ने उसकी बहन के सिर पर जोरदार प्रहार किया और उसके पिता व भाई के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, जान से मारने की नीयत से चेहरे पर ईंट से हमला किया गया, जिससे बंटी को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद भी आरोपियों ने घर पर पथराव किया और अगले दिन जान से मारने की धमकी दी।

इस पूरे प्रकरण में पुलिसिया कार्रवाई के बाद आरोपियों ने कोर्ट में समर्पण कर जमानत की गुहार लगाई थी। फिलहाल, शराब पीकर उत्पात मचाने के विरोध पर दलित परिवार पर हमले के आरोपियों को मिली अंतरिम जमानत मिलने के बाद अब सभी की निगाहें 5 मई को होने वाली नियमित जमानत की सुनवाई पर टिकी हैं।

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