कई निरीक्षकों (Inspectors) और उप-निरीक्षकों (Sub-Inspectors) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस में अब ढीली कार्यशैली और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वाराणसी के पुलिस महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस आयुक्त का स्पष्ट संदेश सामने आया है—“जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, विवेचना एवं कानून-व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी ही थानाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।”

इस कड़े रुख का असर भी तुरंत देखने को मिला है। पुलिस आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से SOG-02 को भंग कर दिया है और इसके सभी पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन से अटैच कर दिया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही इसका नए सिरे से गठन किया जाएगा। साफ है कि अब पुलिसिंग में सिर्फ और सिर्फ ‘परफॉर्मेंस’ देखी जाएगी।

Varanasi Police Transfer List: यहाँ देखें किसे कहाँ मिली जिम्मेदारी प्रदर्शन आधारित जवाबदेही तय करते हुए निष्क्रियता पर सख्त रुख अपनाया गया है। इसी क्रम में कई निरीक्षकों (Inspectors) और उप-निरीक्षकों (Sub-Inspectors) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। पूरी ट्रांसफर लिस्ट नीचे दी गई है:

क्र0सं0नामकहाँ सेकहाँ को
01नि0 श्री प्रमोद कुमार पाण्डेयप्रभारी निरीक्षक मिर्जामुरादपुलिस लाइन
02नि0 श्री गोपाल जी कुशवाहाथाना साइबर क्राइमप्रभारी निरीक्षक मिर्जामुराद
03नि0 शिवाकान्त मिश्राप्रभारी निरीक्षक कैंटप्रभारी निरीक्षक सिगरा
04नि0 संजय कुमार मिश्रप्रभारी निरीक्षक सिगराप्रभारी निरीक्षक रामनगर
05नि0 राजकिशोर पाण्डेयप्रभारी निरीक्षक रामनगरप्रभारी निरीक्षक कैंट
06उ0नि0 कुमार गौरव सिंहचौकी प्रभारी रोडवेज, थाना सिगरापुलिस लाइन
07उ0नि0 विकास सिंहपीआरओ, श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदयचौकी प्रभारी रोडवेज, थाना सिगरा

तबादलों के साथ-साथ पुलिस कमिश्नर ने कर्मचारियों के कल्याण (Staff Welfare) पर भी विशेष ध्यान दिया। सैनिक सम्मेलन के दौरान पुलिस आयुक्त का स्पष्ट संदेश था कि पूर्व में मिली सभी समस्याओं का समयबद्ध (Time-bound) निस्तारण होना चाहिए। मूलभूत सुविधाएं: एनपीएस (NPS), सरकारी आवास और अन्य बुनियादी दिक्कतों को संबंधित शाखाएं जल्द से जल्द दूर करें। रिक्रूट आरक्षियों का वेलफेयर: नए रिक्रूट आरक्षियों (Recruit Constables) के रहने की व्यवस्था और उनके एचआरए (HRA) से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने के निर्देश सभी थाना प्रभारियों को दिए गए हैं।

अपराध समीक्षा बैठक: नए सिपाहियों की ट्रेनिंग और सोशल मीडिया पर कड़ाई अपराध समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए। इस दौरान पुलिस आयुक्त का स्पष्ट संदेश सोशल मीडिया पॉलिसी को लेकर भी था।

1. सोशल मीडिया पॉलिसी का शत-प्रतिशत पालन सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वे नए रिक्रूट आरक्षियों को यूपी पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी की पूरी जानकारी दें और यह सुनिश्चित करें कि इसका 100% अनुपालन हो।

2. 12 घंटे की कड़ी ट्रेनिंग (In-door & Out-door) नए सिपाहियों को थानों के कामकाज में माहिर बनाने के लिए हर दिन 06 घंटे इनडोर और 06 घंटे आउटडोर व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) दिया जाएगा। इन्हें पुराने बीट आरक्षियों के साथ ड्यूटी पर लगाया जाएगा ताकि ये जनसंपर्क और क्षेत्रीय उत्तरदायित्वों को अच्छे से समझ सकें।

3. थानों के रजिस्टरों और CCTNS की समझ इनडोर ट्रेनिंग के तहत नए आरक्षियों को CCTNS के काम के साथ-साथ थानों के महत्वपूर्ण रजिस्टरों की जानकारी दी जाएगी, जैसे ग्राम अपराध रजिस्टर, एचएस (History Sheeter) रजिस्टर, त्योहार रजिस्टर, एनसीआर (NCR) रजिस्टर और गुमशुदगी रजिस्टर

4. ई-समन और यक्ष (Yaksh) ऐप का प्रभावी उपयोग ई-समन पोर्टल पर जितने भी समन पेंडिंग हैं, उन्हें तुरंत संबंधित अधिकारियों को सौंपकर समय पर तामिला कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पुलिसिंग को हाई-टेक बनाने के लिए ‘यक्ष ऐप’ (Yaksh App) के प्रभावी उपयोग और सभी कर्मियों को इसके लिए पूरी तरह ट्रेंड करने की बात कही गई है।

BM Breaking News की रिपोर्ट: इस पूरी कवायद से साफ है कि वाराणसी पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। जनता की समस्याओं की अनदेखी करने वाले और क्राइम कंट्रोल में पीछे रहने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।

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