मुरादाबाद: समाजवादी पार्टी की नवनिर्वाचित महिला सांसद इकरा हसन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ठाकुर योगेंद्र राणा पर मुरादाबाद में केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई मझोला क्षेत्र की रहने वाली एक महिला सुनीता की शिकायत पर हुई, जिन्होंने आरोप लगाया कि योगेंद्र राणा ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में इकरा हसन के लिए बेहद अभद्र और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया है।
क्या है पूरा मामला? – रविवार को मझोला निवासी सुनीता ने कटघर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि योगेंद्र राणा ने एक वायरल वीडियो में सांसद इकरा हसन के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां की हैं, जो न सिर्फ महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि का भी सार्वजनिक अपमान करती हैं। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करना) और भारतीय दंड संहिता की धारा 354(2) (किसी महिला का शील भंग करने के इरादे से या यह जानते हुए कि उसका शील भंग होगा) व 79 (निजी कार्य) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की है कि योगेंद्र राणा का सोशल मीडिया अकाउंट बंद किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
वीडियो में क्या कहा गया? – वायरल वीडियो में योगेंद्र राणा खुद को करणी सेना का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बताते हुए सांसद इकरा हसन से ‘निकाह’ करने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि वह इकरा को अपने घर में नमाज पढ़ने की छूट देंगे, लेकिन इसके लिए एक शर्त रखी। उनकी शर्त थी कि AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी और उनके भाई अकबरुद्दीन उन्हें ‘जीजा’ कहकर संबोधित करें। राणा ने वीडियो में तिलक लगाने की बात भी कही और इसे ‘हिंदू-मुस्लिम भाईचारे’ का प्रतीक बताया।
मुस्लिम समुदाय में भारी नाराज़गी – यह वीडियो सामने आने के बाद मुस्लिम समुदाय में खासा रोष देखने को मिल रहा है। सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन ने इस टिप्पणी को न सिर्फ एक सांसद का, बल्कि पूरे मुस्लिम समाज का अपमान बताया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद से योगेंद्र राणा का फोन बंद आ रहा है और वह कथित तौर पर फरार हो गए हैं। पुलिस अब उनकी तलाश में जुट गई है।





