रक्षा मंत्रालय की जमीन पर बना था मकान, पीला कार्ड देकर खुली पोल, प्रेस की धौंस और जान से मारने की धमकी, प्रतिष्ठित समाचार पत्र (गांडीव) का मालिक बनकर और अपनी झूठी शान-शौकत दिखाकर पीड़ित से करोड़ों रुपये ठग लिए।
वाराणसी (bmbreakingnews.com)। उत्तर प्रदेश की वाराणसी पुलिस ने अपराधियों और जालसाजों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। काशी कमिश्नरेट की थाना चौक पुलिस ने मकान बेचने के नाम पर 3 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राज कुमार बाजपेयी और दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र (गांडीव) का मालिक बनकर और अपनी झूठी शान-शौकत दिखाकर पीड़ित से करोड़ों रुपये ठग लिए।
क्या है 3 करोड़ की धोखाधड़ी का पूरा मामला? = मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित को व्यापार के सिलसिले में वाराणसी में एक मकान की जरूरत थी। उसने इस बात की चर्चा अपने परिचितों और खुद को योग सिखाने वाले राज कुमार बाजपेयी से की थी। कुछ दिनों बाद राज कुमार बाजपेयी ने पीड़ित को बताया कि नीलकाटेज कालोनी, मलदहिया में एक बेहतरीन मकान (नंबर S 21/114 F) बिक्री के लिए उपलब्ध है, जो उसके परिचित का है।
आरोपियों ने पीड़ित को भरोसे में लेने के लिए मकान के फर्जी व नकली दस्तावेज दिखाए और कुछ लोगों से झूठी बातचीत भी कराई। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मकान पर लोन चल रहा है और वे ही इसके असली मालिक हैं। मकान के सौदे के नाम पर तीनों आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में पीड़ित से कुल 3 करोड़ की धोखाधड़ी कर डाली।
रक्षा मंत्रालय की जमीन पर बना था मकान, पीला कार्ड देकर खुली पोल = जब पीड़ित ने आरोपियों से रजिस्ट्री करने के लिए कहा, तो वे व्यस्तता का बहाना बनाकर टालमटोल करने लगे। काफी दबाव बनाने के बाद, आरोपियों ने पीड़ित को अपने नीचीबाग स्थित कार्यालय में बुलाया और एक कर्मचारी के जरिए बंद लिफाफे में मकान का ‘पीला कार्ड’ थमा दिया।
जब पीड़ित ने घर जाकर उस पीले कार्ड की जांच की, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस मकान का सौदा 3 करोड़ रुपये में किया गया था, वह असल में रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की जमीन पर बना हुआ था, जिसका क्रय-विक्रय (खरीद-बिक्री) कानूनी रूप से मुमकिन ही नहीं था। इससे पहले आरोपियों ने पीड़ित को जो फर्जी पीला कार्ड दिखाया था, वह भगवान दास अरोड़ा के नाम पर था।
धोखाधड़ी का पता चलने पर जब पीड़ित ने अपना पैसा वापस मांगा, तो आरोपियों का असली चेहरा सामने आ गया। एक प्रतिष्ठित अखबार का मालिक होने का रौब झाड़ते हुए आरोपियों ने पीड़ित और उसकी पत्नी को गंदी-गंदी गालियां दीं। उन्होंने प्रेस और मीडिया की धौंस दिखाते हुए कहा, “हम लोग पेपर वाले हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” साथ ही पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
इसके बाद पीड़ित ने न्याय के लिए वाराणसी पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पीड़ित की तहरीर पर थाना चौक में मु०अ०सं०-0099/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (316(2), 352, 351(2), 338, 339, 340(2), 61(2)(A)) में मुकदमा दर्ज किया गया।
वाराणसी पुलिस ने बिछाया जाल, सिगरा इलाके से हुई गिरफ्तारी = पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के कड़े निर्देशों और आला अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना चौक पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। दिनांक 28.06.2026 को पुलिस टीम ने घेराबंदी करके तीनों आरोपियों को धर दबोचा। मुख्य आरोपी राज कुमार बाजपेयी (उम्र 57 वर्ष, निवासी- डोमरी पड़ाव, रामनगर / स्थायी पता- दूधविनायक, कोतवाली) को जवाहर तिराहा रोडवेज (सिगरा) से गिरफ्तार किया गया। मामले में संलिप्त दो महिला अभियुक्तागण (जिनकी उम्र क्रमशः 48 वर्ष और 70 वर्ष है) को मलदहिया (थाना सिगरा) स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया। वाराणसी पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की आवश्यक वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस हाईप्रोफाइल 3 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले का खुलासा करने और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने में थाना चौक के प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा, ब्रहम्नाल चौकी प्रभारी उ०नि० अभिषेक कुमार त्रिपाठी, म०उ०नि० मानसी वर्मा, कांस्टेबल चन्दन कुमार पाण्डेय, आशीष कुमार पाण्डेय, महिला कांस्टेबल मंजू कुमारी और रानी कुमारी की मुख्य भूमिका रही।




