वाराणसी। सोशल मीडिया मंचों पर धार्मिक भावनाओं और महापुरुषों को लेकर की जाने वाली विवादित टिप्पणियों का मामला एक बार फिर गरमा गया है। शहर में इस तरह की बयानबाजी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग अब काफी तेज हो गई है।
‘राष्ट्रीय पसमांदा सेवा समिति’ की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष खुर्शीदा बानो के नेतृत्व में महिलाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की और उन्हें एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा। इस तहरीर में सोशल मीडिया पर सक्रिय नाजिया इलाही खान नामक महिला के खिलाफ धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और आस्था को ठेस पहुंचाने के आरोप में तत्काल मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है।
क्या है पूरा मामला? = पुलिस कमिश्नर को सौंपे गए शिकायती पत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष खुर्शीदा बानो ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी महिला नाजिया इलाही खान द्वारा हाल ही में सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर जानबूझकर पैगम्बर हज़रत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की शान में कथित रूप से अत्यंत अपमानजनक व अमर्यादित टिप्पणी की गई है।
इस कृत्य और वीडियो के वायरल होने के बाद से ही समस्त मुस्लिम महिलाओं और विशेषकर पसमांदा समाज की माताओं-बहनों की धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं। समाज में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है।
कानून पर भरोसा, हिंसा का रास्ता नहीं:
खुर्शीदा बानो ने स्पष्ट किया कि संगठन और महिलाएं पूरी तरह से देश के कानून व शांति व्यवस्था में विश्वास रखती हैं। यही वजह है कि उन्होंने हिंसा का रास्ता न चुनकर विधिक न्याय का दरवाजा खटखटाया है।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और आहत भावनाओं को न्याय दिलाने के लिए महिला प्रकोष्ठ ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कड़े कदम उठाने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के माध्यम से निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गई हैं : तत्काल प्राथमिकी (FIR) और गिरफ्तारी: आरोपी नाजिया इलाही खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) की सुसंगत धाराओं क्रमशः 196, 298, 299, 302 और 353 (2) के अंतर्गत तुरंत मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। सामूहिक माफी और वीडियो डिलीट हो: समाज में शांति बहाल करने के लिए आरोपी से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई जाए। इसके साथ ही सोशल मीडिया के सभी मंचों से उस विवादित व आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट को तुरंत हटवाया (डिलीट कराया) जाए।
पुलिस कमिश्नरेट से निष्पक्ष जांच की उम्मीद = खुर्शीदा बानो ने पत्र में स्पष्ट कहा कि एक महिला होने के नाते और देश के जिम्मेदार नागरिक के रूप में वे भारतीय संविधान का पूरा सम्मान करती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस, जो हमेशा से महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित न्याय के लिए जानी जाती है, इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करेगी।
वहीं इस सम्बन्ध में पुलिस कमिश्नर कार्यालय ने इस प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे संबंधित सेल और अधिकारियों को जांच व आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए आगे बढ़ा (फॉरवर्ड कर) दिया गया है।




