वाराणसी: उत्तर प्रदेश में किसानों की समस्याओं और आम जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। इसी कड़ी में वाराणसी जिला मुख्यालय पर अपना दल कमेरावादी का प्रदर्शन देखने को मिला, जहां कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया।

प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत मंगलवार को आयोजित इस जोरदार धरने के बाद कार्यकर्ताओं ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक मांग पत्र अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय कर्मवीर सिंह को सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए पार्टी ने मुख्य रूप से किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और पेट्रोल में की जा रही इथेनॉल मिलावट पर तुरंत रोक लगाने की मांग उठाई है।

शास्त्री घाट पर गूंजे नारे: “भाजपा सरकार जवाब दो” = पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पूर्वाहन 11:00 बजे से ही जनपद के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से अपना दल (कमेरावादी) के कार्यकर्ता और पदाधिकारी जिला मुख्यालय कचहरी स्थित शास्त्री घाट पर जुटने शुरू हो गए थे। देखते ही देखते वहां भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और अपना दल कमेरावादी का प्रदर्शन एक बड़े आक्रोश में बदल गया।

प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं और वे लगातार सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे। शास्त्री घाट पर कार्यकर्ताओं ने : “किसानों को खाद उपलब्ध कराओ”, “प्रदेश में खाद संकट क्यों, भाजपा सरकार जवाब दो”, “इथेनॉल मिलावट की दुश्वारियों का जिम्मेदार कौन, जवाब दो”, “कालाबाजारी, जमाखोरी और मिलावट पर रोक लगाओ” जैसे गगनभेदी नारे लगाकर प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

“धान की रोपाई के समय खाद गायब, किसान हो रहे परेशान” = धरना प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपना दल (कमेरावादी) के जिलाध्यक्ष संजय पटेल ने प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। जब किसानों को धान की रोपाई के समय सबसे ज्यादा खाद की जरूरत है, तब साधन सहकारी समितियों से खाद नदारद है।

“खाद न मिलने से परेशान किसानों को खुले बाजार से महंगे दामों पर ब्लैक में खाद खरीदनी पड़ रही है। महंगाई के इस दौर में किसानों पर यह दोहरी मार है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” – संजय पटेल, जिलाध्यक्ष

जिलाध्यक्ष संजय पटेल ने पेट्रोल और डीजल में इथेनॉल की मिलावट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस मिलावट के कारण लोगों की दोपहिया और चारपहिया गाड़ियां लगातार खराब हो रही हैं। वाहनों के माइलेज में भारी गिरावट आ रही है, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार जनता की इन बुनियादी जरूरतों और दुश्वारियों से पूरी तरह बेफिक्र है। सरकार केवल भावनात्मक मुद्दों को हवा देकर और ध्रुवीकरण करके अपनी वोटों की गणित दुरुस्त करने में लगी हुई है। लेकिन जनता अब इस खेल को अच्छी तरह समझ चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार में बने रहना है, तो जनता के हितों का ध्यान रखना ही होगा।

मांगें पूरी न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी = इस धरना प्रदर्शन का संचालन जिला महासचिव संजय कुमार आर्य एडवोकेट ने किया। वक्ताओं ने मंच से साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि किसानों को जल्द से जल्द पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई गई और इथेनॉल मिलावट पर रोक नहीं लगी, तो पार्टी आने वाले दिनों में और भी उग्र व चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।

वाराणसी में हुए अपना दल कमेरावादी का प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे : प्रदेश महासचिव गगन प्रकाश यादव, राजेश पटेल, उमेश चंद्र मौर्य, राजकुमार पटेल, पंकज सेठ, योगीराज सिंह, अनीता पटेल, राम लखन पाल, बाबू अली साबरी, शमशेर बहादुर वर्मा, भैया लाल, अशोक कुमार, रजनीश पटेल, सिकंदर पटेल आदि।

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