वाराणसी: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी बनारस से इस वक्त की सबसे बड़ी breaking news सामने आ रही है। वाराणसी में एक बीमार शिक्षक की करीब 50 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के कड़े आदेश के बाद भाजपा नेता सुरेश कुमार सिंह समेत 10 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला #varanasi के साथ तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग लिख रहे हैं कि ‘बीजेपी का असली नेता यही है जिसका पूरा कैरक्टर बीजेपी के बड़े नेताओं से मिलता है’। इस खबर के सामने आने के बाद से ही जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा, ये हैं नामजद आरोपी = यह पूरी घटना वाराणसी के मोहनसराय इलाके से जुड़ी है। मोहनसराय की रहने वाली प्रमिला मिश्रा ने न्याय के लिए सीजेएम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पुलिस को तुरंत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।
इस breaking news मामले में कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें भू-माफियाओं से लेकर सरकारी विभाग के कर्मचारी तक शामिल हैं। नामजद आरोपियों की सूची नीचे दी गई है : सुरेश कुमार सिंह (भाजपा नेता), नितेश राय उर्फ सोनू, विशल मिश्रा, रवि उपाध्याय, वरुणापति उपाध्याय, अजय कुमार तिवारी, प्रवीण कुमार सिंह, प्रशांत कुमार सिंह, अनिल कुमार (तत्कालीन उपनिबंधक / Sub-Registrar), सत्यांशु सिंह (निबंधन कार्यालय के लिपिक / Clerk) शामिल है।
सुनियोजित षड्यंत्र के तहत रची गई पूरी साजिश = पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इन सभी आरोपियों ने आपसी मिलीभगत और एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। बीमार शिक्षक की लाचारी का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये मूल्य की प्राइम लोकेशन की संपत्ति को हड़पने के लिए फर्जी कागजात तैयार किए गए। इस खेल में रजिस्ट्री दफ्तर के अधिकारियों और बाबुओं की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसके कारण तत्कालीन उपनिबंधक को भी इस केस में लपेटे में लिया गया है।
मामले की गंभीरता: 50 करोड़ रुपये की जमीन का यह घोटाला बनारस के हालिया समय के सबसे बड़े जमीन घोटालों में से एक माना जा रहा है। यही वजह है कि यह मामला आज की सबसे बड़ी breaking news बना हुआ है।
जैसे ही इस मामले में भाजपा नेता सुरेश सिंह और नितेश राय उर्फ सोनू का नाम सामने आया, विपक्ष को भी सरकार को घेरने का मौका मिल गया है। बनारस के स्थानीय लोग और सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार इस कार्रवाई को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पुलिस ने अदालत के आदेश पर मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अब देखना यह होगा कि इस सिंडिकेट के खिलाफ आगे क्या दंडात्मक कार्रवाई की जाती है।
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