वाराणसी में अपराध और अपराधियों के खिलाफ कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस आयुक्त वाराणसी द्वारा शहर में अपराधों की रोकथाम, चोरी व लूट की घटनाओं के सफल अनावरण और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, पुलिस उपायुक्त काशी ज़ोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली व प्रभारी निरीक्षक रामनगर के कुशल नेतृत्व में रामनगर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत मुस्तैदी दिखाते हुए एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ वाराणसी और चंदौली के अलग-अलग थानों में 21 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई = दिनांक 12 जुलाई 2026 को रामनगर पुलिस की टीम जब रात्रि गश्त और ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत चेकिंग पर थी, तभी मुखबिर से एक बेहद खास सूचना मिली। सूचना के मुताबिक, एक संदिग्ध व्यक्ति बिना नंबर प्लेट की चोरी की लूना मोटरसाइकिल (मोपेड) के साथ विश्वमित्रनगर कॉलोनी के पीछे खड़ा था और कहीं दूर भागने की फिराक में था। पुलिस आयुक्त वाराणसी के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई की। टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोपहर करीब 12:07 बजे विश्वमित्रनगर कॉलोनी से अभियुक्त को धर दबोचा।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान और बरामदगी = पकड़े गए अभियुक्त की पहचान असलम (उम्र करीब 40 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मरहूम अल्ला रखा का पुत्र है। वह वर्तमान में सुजाबाद (थाना रामनगर) में रह रहा था, जबकि उसका स्थायी पता फेस नंबर 1, वीडीए कॉलोनी, चांदमारी (थाना शिवपुर, वाराणसी) है। पुलिस ने जब असलम की तलाशी ली और उसकी निशानदेही पर जांच की, तो उसके पास से भारी बरामदगी हुई : नकद राशि: ₹3,50,160/- कैश, वाहन: एक अदद टीवीएस एक्स एल 100 मोपेड (बिना नंबर प्लेट लगी हुई), नंबर प्लेट्स: 02 अदद कूटरचित नंबर प्लेट (जिन पर UP65BE1449 और UP65AN4551 लिखा था), अन्य सामान: एक सफेद रंग का कीपैड मोबाइल फोन और एक छल्ले में लगी दो चाबियां। अभियुक्त के खिलाफ थाना रामनगर में मु0अ0सं0- 152/2026, धारा- 305(ए), 331(4) बीएनएस के तहत मामला पंजीकृत है, जिसमें वह वांछित चल रहा था।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा = पुलिस की कड़ी पूछताछ में शातिर चोर असलम ने जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी बयां की। उसने बताया कि करीब एक महीने पहले उसने रामनगर की जनकपुर कॉलोनी में घूम-घूमकर एक बंद घर की रेकी की थी। रात के करीब एक बजे वह घर का ताला तोड़कर अंदर घुसा और अलमारी व बक्से को तोड़कर सोने-चांदी के गहने और ₹30,000 नकद चोरी कर लिए। जब पुलिस ने उससे उसके साथियों के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह चोरी की वारदातों को अकेले ही अंजाम देता था।
चोरी के जेवर कहाँ बेचे?
असलम ने खुलासा किया कि चोरी के बाद वह जेवर बेचने के लिए दुर्गावती बिहार गया था। वहां एक सुनार ने जेवर खरीदने से मना कर दिया, लेकिन वहीं पास में मिले एक अज्ञात व्यक्ति से उसकी बातचीत हो गई। उस व्यक्ति ने ₹4.50 लाख में सारे जेवर खरीद लिए और अपने किसी आदमी से पैसे मंगवाकर असलम को दे दिए।
असलम ने बताया कि मिले पैसों में से करीब 1 लाख रुपये वह खर्च कर चुका है, जबकि बचे हुए ₹3,50,160 उसने सेमरा स्थित अपने किराए के मकान में छिपाकर रखे थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। वहीं, बरामद बाइक के बारे में उसने बताया कि इसे उसने काफी समय पहले पांडेयपुर पागलखाना अस्पताल के पास से चुराया था। वह पुलिस को चकमा देने के लिए इस पर अक्सर नंबर प्लेट बदल-बदल कर लगाता था।
21 मुकदमों का लंबा आपराधिक इतिहास = पकड़ा गया आरोपी असलम कोई नौसिखिया चोर नहीं है, बल्कि एक पेशेवर अपराधी है। पुलिस आयुक्त वाराणसी के इस अभियान के तहत पुलिस ने इसके पूरे आपराधिक इतिहास का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है:
| क्र.सं. | मुकदमा अपराध संख्या (मु0अ0सं0) | धाराएं | थाना / जनपद |
| 1 | 0129/2015 | 41 CrPC, 411/414 IPC | कैंट, वाराणसी |
| 2 | 0445/2016 | 380/411 IPC | कैंट, वाराणसी |
| 3 | 0345/2017 | 379/411/413/414 IPC | कैंट, वाराणसी |
| 4 | 1270/2018 | 379/411 IPC | कैंट, वाराणसी |
| 5 | 1314/2018 | 379/411 IPC | कैंट, वाराणसी |
| 6 | 1404/2018 | 379/411 IPC | कैंट, वाराणसी |
| 7 | 0321/2018 | 379/411/414/420/467/468/471 IPC | जैतपुरा, वाराणसी |
| 8 | 0339/2021 | 379/511 IPC | जैतपुरा, वाराणसी |
| 9 | 0790/2019 | 380/411/457 IPC | लंका, वाराणसी |
| 10 | 0034/2024 | 3/25 आर्म्स एक्ट, 380/411/457 IPC | मण्डुवाडीह, वाराणसी |
| 11 | 0001/2025 | गैंगेस्टर एक्ट 1986 | मण्डुवाडीह, वाराणसी |
| 12 | 0004/2015 | 380/411 IPC | सारनाथ, वाराणसी |
| 13 | 0490/2018 | 379 IPC | सारनाथ, वाराणसी |
| 14 | 0494/2018 | 379 IPC | सारनाथ, वाराणसी |
| 15 | 0603/2018 | 379/411/413/414/419/420/467/468/471 IPC | सारनाथ, वाराणसी |
| 16 | 0448/2018 | 8/20 एनडीपीएस एक्ट | शिवपुर, वाराणसी |
| 17 | 0021/2024 | 380 IPC | शिवपुर, वाराणसी |
| 18 | 0561/2018 | 379/411/419/420/467/468/471 IPC | मुगलसराय, चंदौली |
| 19 | 0562/2018 | 411/413/414/419/420/467/468/471 IPC | मुगलसराय, चंदौली |
| 20 | 0564/2018 | 25 आर्म्स एक्ट | मुगलसराय, चंदौली |
| 21 | 0040/2019 | 3(1) उ0प्र0 गिरोहबन्द समाज विरोधी क्रियाकलाप अधि0 | मुगलसराय, चंदौली |
इसके ऊपर वाराणसी के कैंट, जैतपुरा, लंका, मण्डुवाडीह, सारनाथ, शिवपुर और चंदौली के मुगलसराय थाने में गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस और जालसाजी समेत कुल 21 मामले दर्ज हैं।
इस बड़े खुलासे और शातिर अपराधी को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्र, उ0नि0 जय प्रकाश सिंह, उ0नि0 देवेन्द्र गुप्ता, उ0नि0 पंकज कुमार मिश्रा, उ0नि0 शिवम सोनी (चौकी प्रभारी कस्बा), का0 विपिन कुमार, का0 पवन कुमार, का0 गौरव भारती, का0 दुर्गा प्रसाद, रि0का0 विक्की कुमार शामिल रहे।
पुलिस आयुक्त वाराणसी के नेतृत्व में हुई इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के नागरिकों ने राहत की सांस ली है। पुलिस द्वारा अभियुक्त के खिलाफ आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।




