पुलिस आयुक्त वाराणसी मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार ने मोटर बोट के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

वाराणसी। गंगा नदी के उफान और वरुणा नदी में बैक वॉटर (पलट प्रवाह) के कारण बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच वाराणसी में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शीर्ष अधिकारियों ने खुद धरातल पर उतरकर मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र कुमार ने नमो घाट से लेकर पुराना पुल (सारनाथ) तक मोटर बोट के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मोटर बोट से स्थलीय निरीक्षण और सुरक्षा का जायजा = निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी ने गंगा व वरुणा के तटीय इलाकों का दौरा किया। बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच वाराणसी में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहते हुए नदी किनारे बसे परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट होने की अपील कर रहा है। इसके साथ ही जर्जर और जलबद्ध भवनों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जल पुलिस, एनडी आरएफ (NDRF) और पीएसी की फ्लड कंपनियों को अत्यंत संवेदनशील इलाकों में चौबीसों घंटे गश्त करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है।

15 से अधिक राहत शिविरों में 1600 से अधिक लोग शरणार्थी = निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ राहत शिविर नवोदय विद्यालय (दनियालपुर) एवं चित्रकूट कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज (तपोवन आश्रम, नक्खीघाट) का दौरा किया। वहां शरण लिए हुए लोगों से सीधे संवाद कर भोजन, शुद्ध पेयजल, आवास, सुरक्षा और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। वर्तमान में वाराणसी में 15 से अधिक बाढ़ राहत केंद्र सक्रिय रूप से संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 1600 से अधिक प्रभावित लोग निवास कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा सभी शिविरों में सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

जोखिम भरे स्टंट और तैराकी पर सख्त पाबंदी = बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच वाराणसी में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर के दौरान नदियों में तैराकी, नौकायन या किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी न करें। अभिभावकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों को बाढ़ के पानी और नदी किनारों से दूर रखें।

निरीक्षण में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद = इस दौरान पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन लिपि नागयाच सहित जल पुलिस, एनडीआरएफ और प्रशासनिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक तत्काल स्थानीय पुलिस या कंट्रोल रूम को सूचित करें।

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