वाराणसी (bmbreakingnews.com)। धर्म व संस्कृति की नगरी काशी की लोकप्रसिद्ध रामलीला परंपरा में रविवार को भक्ति और संवेदनाओं का अनुपम संगम देखने को मिला। श्री श्री रामलीला समिति, हुकुलगंज के तत्वावधान में आयोजित रामलीला में ‘लक्ष्मण शक्ति’ प्रसंग का अत्यंत भव्य, जीवंत और भावपूर्ण मंचन संपन्न हुआ।

शक्तिबाण लगते ही भावुक हुए श्रद्धालु = रामलीला मंचन के दौरान जब मेघनाद द्वारा चलाए गए कपटपूर्ण शक्तिबाण से लक्ष्मण जी मूर्छित हुए, तो पूरा परिसर सन्नाटे में डूब गया। अपने प्रिय अनुज को मूर्छित अवस्था में देखकर भगवान श्रीराम के करुण विलाप का दृश्य इतना मार्मिक था कि वहां मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कलाकारों ने श्रीराम और लक्ष्मण के अटूट भ्रातृप्रेम, त्याग एवं समर्पण की भावनाओं को अपने सशक्त अभिनय से मंच पर पूरी जीवंतता के साथ उकेरा।

संजीवनी बूटी प्रसंग से गूंजा जय श्रीराम का उद्घोष = लक्ष्मण जी के उपचार हेतु लंकापति रावण के वैद्य सुषेण की सलाह पर जब वीर हनुमान जी द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लेकर पहुंचे, तो दर्शकों में एक नया उत्साह भर गया। कलाकारों के प्रभावशाली संवादों, उत्कृष्ट अभिनय और भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूरे मंचन के दौरान रामभक्तों की भारी उपस्थिति रही और रामलीला स्थल निरंतर ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान रहा।

समिति के अध्यक्ष का वक्तव्य:

श्री श्री रामलीला समिति, हुकुलगंज के अध्यक्ष व पार्षद बृजेश चन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि, “प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का मंचन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के उच्च आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के पावन उद्देश्य से किया जा रहा है।”

कार्यक्रम के अंत में समिति के पदाधिकारियों ने आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, प्रबुद्धजनों एवं क्षेत्रवासियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने आगामी लीलाओं में भी अधिक से अधिक संख्या में पधारकर आयोजन को सफल बनाने की भावुक अपील की।

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