वाराणसी। लोक संगीत के पुरोधा और पद्मा श्री पुरस्कार से सम्मानित सुप्रसिद्ध लोकगीत गायक स्व. हीरा लाल यादव की स्मृति को संजोने के लिए वाराणसी नगर निगम ने एक ऐतिहासिक पहल की है। वार्ड नंबर 11 हुकुलगंज स्थित बिरहा सम्राट हीरा लाल यादव के पैतृक आवास पर भव्य स्मृति द्वार का निर्माण कराया जा रहा है। लगभग 10 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस बिरहा सम्राट हीरा लाल यादव स्मृति द्वार का भूमि पूजन हुकुलगंज के क्षेत्रीय पार्षद बृजेश चन्द्र श्रीवास्तव द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ।

लोक कला और संस्कृति के संवर्धन के लिए ऐतिहासिक कदम = भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय पार्षद बृजेश चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि स्व. हीरा लाल यादव जी ने पूर्वांचल और पूरे देश में बिरहा गायकी को एक नई पहचान दी। उन्हें मिला पद्मा श्री पुरस्कार पूरे वाराणसी का गौरव है। हुकुलगंज में बिरहा सम्राट हीरा लाल यादव स्मृति द्वार का निर्माण न केवल उनकी यादों को जीवंत रखेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी लोक कला और संगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़े रखेगा। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम वाराणसी द्वारा इस स्मृति द्वार के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि यह क्षेत्र के प्रमुख आकर्षण और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में स्थापित हो सके।

10 लाख रुपये की लागत से बनेगा भव्य द्वार = नगर निगम वाराणसी द्वारा स्वीकृत इस परियोजना पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। बिरहा सम्राट हीरा लाल यादव स्मृति द्वार का निर्माण हुकुलगंज स्थित उनके आवास के समीप मुख्य मार्ग पर होगा, जिससे वहाँ से गुजरने वाले हर व्यक्ति को बिरहा सम्राट के योगदान का स्मरण हो सके। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और पार्षद के इस प्रयास की सराहना की है।

इस गरिमामय अवसर पर बिरहा सम्राट स्व. हीरा लाल यादव जी के परिजनों के साथ-साथ क्षेत्र के कई प्रमुख राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से परिजन: रामजी यादव, राज नारायण यादव, धन्नू भगत, सत्यनारायण यादव बल्लू, बचाऊ यादव, विजय यादव, भाजपा नेता एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधि: रविशंकर पटेल, नीरज सोनकर, मनोज श्रीवास्तव, शक्ति केंद्र संयोजक दिनेश मौर्या, अनिल सिंह, अजय अग्रहरी, आशिक कुरैशी, अनुपम उपाध्याय इनके अलावा दर्जनों क्षेत्रीय नागरिकों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय हीरा लाल यादव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस विकास कार्य का स्वागत किया।

पद्मा श्री बिरहा सम्राट स्व. हीरा लाल यादव जैसे महान कलाकारों की स्मृति में द्वार बनाना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि हमारी लोक-संस्कृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। हुकुलगंज में बनने वाला यह स्मृति द्वार वाराणसी की सांगीतिक विरासत को और समृद्ध करेगा।

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