लखनऊ/वाराणसी। देश और प्रदेश में ऐसी कई वीभत्स घटनायें पूर्व में हो चुकी हैं, जिनमें न जाने कितने बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन जब हम यहाँ के सिस्टम, शासन और प्रशासन की बात करते हैं, तो एक कड़वा सच सामने आता है कि ये दोनों भी तभी जागते हैं जब कोई गंभीर और बड़ी घटना घटित हो जाती है। लखनऊ से लेकर वाराणसी तक की मौजूदा तस्वीरें देखकर आज हर नागरिक के मन में यही सुलगता सवाल है कि— आखिर घटना होने के बाद ही क्यों जागता है शासन व प्रशासन ?

लखनऊ अग्निकांड: 15 मौतों का जिम्मेदार कौन? = ताजा और बेहद दर्दनाक मामले पर गौर करें, तो बीते सोमवार को लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक बहुमंजिला बिल्डिंग में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में 15 लोगों की असामायिक और निर्मम मौत हो गई। इस हादसे ने मृतक के परिजनों की हंसती-खेलती खुशियां पल भर में छीन लीं। पोस्टमॉर्टम हाउस का नजारा इतना हृदयविदारक था कि अपने बच्चों और भाई के शवों को देखकर परिजन वहीं बेहोश हो रहे थे। चारों ओर मची चीख-पुकार और दर्दभरी आवाजों से पूरा पोस्टमॉर्टम हाउस गूंज रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग नीचे की मंजिल से शुरू हुई और धीरे-धीरे धुआं व आग दोनों ऊपर की तरफ फैलते गए। इस वजह से ऊपर की मंजिलों पर मौजूद लोगों को सुरक्षित निकलने का कोई रास्ता ही नहीं मिल पाया।

इस हादसे के बाद रोते-बिलखते परिजनों ने पूरे प्रशासन को इस मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उनका सीधा और तीखा सवाल है कि जब 10 साल पहले ही इस बिल्डिंग को अवैध घोषित कर दिया गया था, तो अब तक इस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे थे? जनता की मांग है कि इस पूरे घटनाक्रम में लखनऊ प्रशासन और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और भ्रष्टाचार व अनियमितता में लिप्त अधिकारियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए।

वाराणसी में हड़कंप: विख्यात L1, आकाश और एलेन कोचिंग पर बड़ी कार्रवाई = लखनऊ की इस भयावह त्रासदी के बाद अब वाराणसी का महकमा भी आनन-फानन में हरकत में आया है। चाहे वाराणसी हो या प्रदेश का अन्य कोई भी जनपद, यहाँ का भी यही ढर्रा है कि अधिकारी तभी जागते हैं जब कोई बड़ी घटना घटित हो जाती है।

इसी क्रम में आज मंगलवार को वाराणसी जिला प्रशासन और वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) की संयुक्त टीमों द्वारा शहर के तमाम नामी और विख्यात कोचिंग सेंटरों की सघन जांच-पड़ताल की गई। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान शहर के सबसे बड़े और विख्यात कोचिंग सेंटरों— एल 1 (L1 Coaching), आकाश और एलेन में भारी अनियमितताएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई, जिस पर प्रशासन द्वारा तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

लेकिन इस कार्रवाई के बाद भी बुनियादी सवाल वही बना हुआ है कि आखिर घटना होने के बाद ही क्यों जागता है शासन व प्रशासन ? जब जनपद में बिना सुरक्षा मानकों और बिना वैध नक्शों के इस तरह की बहुमंजिला इमारतों का निर्माण धड़ल्ले से होता है और उनमें हजारों बच्चों का भविष्य दांव पर लगाकर बेसमेंट या ऊपरी मंजिलों में कोचिंग सेंटर संचालित किए जाते हैं, तब वाराणसी का विकास प्राधिकरण और वाराणसी का प्रशासन आंखें मूंदे क्यों पड़ा रहता है?

निजी स्वार्थ और भ्रष्टाचार का यह खेल कब रुकेगा? = अगर जमीनी हकीकत को देखा जाए, तो इस तरह की व्यापारिक और कमर्शियल इमारतों के अवैध निर्माण में नगर निगम, विकास प्राधिकरण, अग्निशमन (Fire) विभाग और बिजली विभाग सहित तमाम ऐसे सरकारी महकमे शामिल हैं, जो अपने निजी स्वार्थ और भ्रष्टाचार के चक्कर में बिल्डरों को पूरा सहयोग करते रहते हैं।

देश और प्रदेश में चाहे किसी की भी सरकार आए या जाए, लेकिन सिस्टम की कुर्सियों पर बैठे ये अधिकारी भ्रष्टाचार को बढ़ावा बराबर देते रहते हैं। बीएम ब्रेकिंग न्यूज शासन और प्रशासन से यह सीधा सवाल पूछता है कि क्या वाराणसी में भी एल 1, आकाश और एलेन जैसी बड़ी कोचिंग्स और इमारतों की जांच करने के लिए लखनऊ जैसी किसी दर्दनाक घटना की प्रतीक्षा की जा रही थी? आखिर क्यों नियम-कानूनों का पालन कराने के लिए किसी हादसे की बलि चढ़ने का इंतजार किया जाता है? और सबसे बड़ा सवाल— आखिर घटना होने के बाद ही क्यों जागता है शासन व प्रशासन ?

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