वाराणसी (bmbreakingnews.com): उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद से एक बेहद चौंकाने वाला और अजीबोगरीब मामला सामने आया है। चौक थाना क्षेत्र के पियरी पुलिस चौकी अंतर्गत बेनियाबाग इलाके में बीते 15 जून 2026 को एक व्यक्ति की सरेआम हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज मामले में चौक पुलिस और एसओजी (SOG) की मुस्तैदी से 24 घंटे के भीतर हत्यारोपियों की हुई गिरफ्तारी तो सुर्खियां बटोर रही है, लेकिन पुलिस द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

24 घंटे में हुआ खुलासा, कमिश्नरेट ने बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस – मामले की गंभीरता को देखते हुए 16 जून 2026 को अपर पुलिस आयुक्त काशी जोन व सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध द्वारा एक बकायदा पत्रकार वार्ता (Press Conference) बुलाई गई। इस दौरान मीडिया के सामने दावा किया गया कि बेनियाबाग मर्डर मिस्ट्री को सुलझा लिया गया है और मुख्य हत्यारोपियों की हुई गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली है। इस त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस उपायुक्त काशी जोन की ओर से चौक पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा भी की गई है।

आधे-अधूरे खुलासे पर उठ रहे सवाल: न मृतक का पता, न वजह साफ! – एक तरफ जहाँ 24 घंटे के अंदर हत्यारोपियों की हुई गिरफ्तारी चौक पुलिस की तत्परता और कार्यकुशलता को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर पत्रकारों को जो आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, उसने सबको हैरत में डाल दिया।

सोचने वाली बात यह है कि इस पूरी विज्ञप्ति में आखिर किस कारण से इतने बड़े मर्डर केस के कारणों (Motives) का उल्लेख नहीं किया गया? सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि आखिर कत्ल किसका हुआ? विज्ञप्ति में न तो मृतक का नाम है, न शिकायतकर्ता (वादी) का कोई जिक्र है। अब किस दबाव या कारण से इन बुनियादी जानकारियों को छुपाया गया या भूलवश छोड़ दिया गया, यह तो प्रेस विज्ञप्ति जारी करने वाले आला अधिकारी ही जानें।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पकड़े गए आरोपियों का विवरण – आधे-अधूरे तथ्यों के साथ जारी की गई उसी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर जिन हत्यारोपियों की हुई गिरफ्तारी संभव हो सकी है, उनके नाम और पते निम्नलिखित हैं : विशाल भारतीय उर्फ जानू पुत्र स्व0 राजेन्द्र भारतीय (निवासी: म0नं0- सी0के0 66/16 बेनियाबाग, थाना चौक, जनपद वाराणसी), विकास विश्वकर्मा उर्फ सोनू पुत्र विरेन्द्र विश्वकर्मा (निवासी: चुरामनपुर, थाना लोहता, जनपद वाराणसी), सुजीत बाल्मिकी पुत्र संजय बाल्मिकी (निवासी: ग्राम मरेठवा पोखरा, थाना लोहता, जनपद वाराणसी), कृष्णा बाल्मिकी पुत्र मनोज (निवासी: मकान नं0 सी0के0 66/16 बेनियाबाग, थाना चौक, जनपद वाराणसी)।

पुलिस के अनुसार, इन शातिर हत्यारोपियों की हुई गिरफ्तारी के दौरान इनके पास से वारदात में इस्तेमाल या अवैध रूप से रखे गए हथियार और गाड़ियाँ बरामद की गई हैं : जिनमे 01 अदद देशी पिस्टल, 02 अदद मोटरसाइकिल शामिल है। पकड़े गए इन चारों अभियुक्तों पर थाना चौक द्वारा मु0अ0सं0- 0102/2026 धारा 103(1) बीएनएस (BNS – हत्या का मामला), बढ़ोतरी धारा 3(5) बीएनएस एवं 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर आगे की विधिक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

भले ही खुलासे की कहानी में कुछ पन्ने गायब हों, लेकिन अपराधियों को दबोचने में इन जांबाज पुलिसकर्मियों की मेहनत सराहनीय रही। चौक थाना पुलिस टीम प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा (थाना चौक), उ0नि0 संदीप कुमार सिंह (चौकी प्रभारी पियरी, थाना चौक), उ0नि0 अभिषेक कुमार त्रिपाठी (चौकी प्रभारी ब्रह्मनाल, थाना चौक), उ0नि0 राजेश कुमार यादव व अन्य पुलिसकर्मी। एसओजी (SOG) टीम उ0नि0 गौरव कुमार सिंह (प्रभारी एस०ओ०जी०, वाराणसी), उप निरीक्षक आयुष पाण्डेय (एस०ओ०जी०, वाराणसी) व अन्य हमराही पुलिसकर्मी।

    वाराणसी के इस हाईप्रोफाइल केस में हत्यारोपियों की हुई गिरफ्तारी के बाद अब देखना यह होगा कि क्या वाराणसी पुलिस इस मामले में सस्पेंस बनी जानकारियों (मृतक का नाम और हत्या की असली वजह) को लेकर कोई स्पष्टीकरण जारी करती है या नहीं।

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