वाराणसी। भवन संख्या CK 39/5 दालमंडी अब स्थानीय लोगों के बीच चिंता का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। दालमंडी चौड़ीकरण और सुंदरीकरण अभियान के बीच यह भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने के बाद बेहद जर्जर स्थिति में खड़ा है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते इस भवन को सुरक्षित नहीं किया गया तो यह किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
दालमंडी चौड़ीकरण के बीच बढ़ी सुरक्षा की चिंता = दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत जिला प्रशासन अब तक कई भवनों को विधिक प्रक्रिया के तहत अधिग्रहित कर ध्वस्त कर चुका है। सड़क चौड़ीकरण के लिए जर्जर और अतिजर्जर भवनों को हटाने का कार्य लगातार जारी है। हालांकि विकास कार्यों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन संख्या CK 39/5 दालमंडी का आगे का हिस्सा तोड़ दिया गया है, जबकि पीछे का हिस्सा अत्यंत जर्जर अवस्था में लटका हुआ है। इससे आसपास रहने वाले लोगों, राहगीरों और व्यापारियों की जान पर लगातार खतरा बना हुआ है।
हालिया हादसे ने बढ़ाई लोगों की चिंता = दालमंडी चौड़ीकरण के दौरान हाल ही में हुए एक दुखद हादसे में एक नागरिक की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद भी कई आंशिक रूप से टूटे भवन अभी तक पूरी तरह सुरक्षित नहीं किए गए हैं।
इन्हीं भवनों में भवन संख्या CK 39/5 दालमंडी भी शामिल बताया जा रहा है, जिसकी वर्तमान स्थिति स्थानीय लोगों के अनुसार बेहद खतरनाक है। उनका कहना है कि भवन कभी भी गिर सकता है और इससे बड़ा हादसा हो सकता है।
‘डेथ ट्रैप’ बन चुके हैं आंशिक रूप से टूटे भवन = स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि दालमंडी चौड़ीकरण के दौरान जिन भवनों का केवल सामने का हिस्सा हटाया गया है, उनके पीछे के हिस्से अब “डेथ ट्रैप” बन चुके हैं। कई भवनों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं और कमजोर दीवारें किसी भी समय ढह सकती हैं। रोजाना हजारों लोग इन भवनों के नीचे से गुजरते हैं। ऐसे में यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो किसी भी समय गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
स्थानीय लोगों की प्रशासन से मांग = क्षेत्र के व्यापारियों और नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि भवन संख्या CK 39/5 दालमंडी सहित सभी खतरनाक भवनों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। यदि भवन असुरक्षित हैं तो उन्हें पूरी तरह हटाया जाए अथवा पर्याप्त सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों की आवाजाही को सुरक्षित किया जाए। लोगों का कहना है कि दालमंडी चौड़ीकरण शहर के विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन विकास कार्यों के साथ नागरिकों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल = अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन भवन संख्या CK 39/5 दालमंडी और अन्य जर्जर भवनों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई करेगा, या फिर किसी और दुखद हादसे के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी?
नोट: यह समाचार स्थानीय नागरिकों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। भवन की संरचनात्मक स्थिति या प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।




