वाराणसी (bmbreakingnews.com): धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में रहने वाले शिवभक्तों के लिए एक बेहद आनंदमयी और बड़ी खुशखबरी सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए अब स्थानीय निवासियों को घंटों लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा और न ही भारी भीड़ का सामना करना पड़ेगा। मंदिर प्रशासन ने स्थानीय लोगों की सहूलियत को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर काशीवासी सुगम दर्शन की एक विशेष और नई व्यवस्था शुरू की है।

इस नए फैसले के बाद से पूरी काशी में उत्सव और बेहद खुशी का माहौल है। आइए जानते हैं कि काशीवासी अब किस तरह बिना किसी परेशानी के अपने आराध्य बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर सकेंगे।

श्रावण मास से पहले मंदिर प्रशासन का बड़ा फैसला = आगामी पावन श्रावण मास (सावन) को ध्यान में रखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) विश्व भूषण मिश्रा ने इस नई व्यवस्था की आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सावन के महीने में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के कारण स्थानीय लोगों को दर्शन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर काशीवासी सुगम दर्शन के तहत एक अलग प्रवेश द्वार की व्यवस्था की गई है।

गेट नंबर 4B से मिलेगा सीधा प्रवेश = मंदिर प्रशासन के अनुसार, काशी के नागरिकों के लिए गेट नंबर 4 के ठीक पास में ही एक नया गेट नंबर 4B खोला गया है। यह गेट विशेष रूप से केवल काशीवासियों के लिए ही आरक्षित रहेगा। अलग से कॉरिडोर: इस गेट से लेकर बाबा के गर्भगृह तक काशीवासियों के लिए एक अलग से विशेष रास्ता (लेन) बनाया गया है। नो-रश जोन: इस रास्ते पर बाहर से आने वाले आम श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं होगी, जिससे स्थानीय लोग बिना धक्का-मुक्की के शांतिपूर्वक दर्शन कर लौट सकेंगे।

दर्शन के लिए कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी? = काशी विश्वनाथ मंदिर काशीवासी सुगम दर्शन का लाभ उठाने के लिए स्थानीय नागरिकों को अपना ‘काशी का परिचय पत्र’ यानी वाराणसी का निवासी होने का प्रमाण दिखाना होगा। मंदिर के प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को आप निम्नलिखित में से कोई भी एक वैध पहचान पत्र दिखा सकते हैं : वोटर आईडी कार्ड (काशी के पते के साथ), पैन कार्ड (PAN Card), ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License)

नोट: सुरक्षा जांच के समय आपके पहचान पत्र पर वाराणसी (काशी) का स्थायी पता होना अनिवार्य है, तभी आपको गेट नंबर 4B से प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन के इस ऐतिहासिक फैसले का पूरे वाराणसी में जोरदार स्वागत किया जा रहा है। काशी के प्रबुद्ध जनों, संतों और आम नागरिकों में इस बात को लेकर बेहद खुशी है कि अब वे अपने बाबा के दरबार में जब चाहें, बिना किसी पाबंदी या भारी भीड़ के शीश नवा सकेंगे।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बाबा विश्वनाथ पर पहला अधिकार काशीवासियों का है और इस नई व्यवस्था ने उनके इस अधिकार और श्रद्धा को नया सम्मान दिया है। अब सावन हो या कोई भी त्योहार, काशीवासी अपने सुगम मार्ग से बाबा का आशीर्वाद आसानी से ले पाएंगे।

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