लखनऊ/नोएडा/वाराणसी: इस साल धनतेरस पर बाज़ारों में ऐसी रौनक दिखी कि हर कोई दंग रह गया! ग्राहकों का उत्साह इस कदर था कि बड़े शहरों से लेकर छोटे जिलों तक, हर तरफ़ पैर रखने की जगह नहीं थी। लोगों ने दिल खोलकर खरीदारी की, और नतीजा यह रहा कि इस बार प्रदेश के बाज़ार ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।

व्यापारिक संगठनों के अनुसार, पूरे प्रदेश में लगभग 24,000 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड-तोड़ बिक्री दर्ज की गई है। यह आंकड़ा पिछले साल की अनुमानित बिक्री (करीब 10,000 करोड़ रुपये) से ढाई गुना से भी ज़्यादा है! कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के यूपी प्रमुख पंकज अरोड़ा ने इस अभूतपूर्व वृद्धि की पुष्टि करते हुए कहा कि यह त्योहारी जोश और बाज़ार के प्रति लोगों के भरोसे को दिखाता है।

सुबह शुभ मुहूर्त शुरू होते ही बाज़ारों में जो भीड़ उमड़ी, वो देर रात तक बनी रही। खनऊ, कानपुर, वाराणसी, नोएडा, आगरा और गोरखपुर जैसे शहरों में तो बस ‘उत्सव वाला जाम’ ही देखने को मिला।

सोना-चांदी में भारी चमक: क़ीमतों की परवाह नहीं सोने-चांदी की रिकॉर्डतोड़ महंगाई के बावजूद, इसके प्रति लोगों का मोह कम नहीं हुआ। सराफा बाज़ारों में गजब की रौनक थी, जिसने साबित कर दिया कि निवेश और भरोसे की कसौटी पर सोने का कोई मुकाबला नहीं है।

  • बिक्री का आंकड़ा: ऑल इंडिया जेम्स एंड गोल्डस्मिथ ज्वेलर्स एसोसिएशन के वीके महेश्वरी के मुताबिक, प्रदेश में करीब 8,000 पंजीकृत और 30 हज़ार से ज़्यादा अपंजीकृत सराफा व्यापारियों ने मिलकर लगभग 8,000 करोड़ रुपये का सोना-चांदी बेचा।
  • सबसे ज़्यादा मांग: इस बार सोने के सिक्कों और हल्के वजन के आभूषणों की सबसे ज़्यादा डिमांड रही, वहीं चांदी के बर्तन और धार्मिक प्रतीकों की खरीदारी भी खूब हुई।
  • मात्रा में कमी: हालांकि, सोने-चांदी की रिकॉर्ड ऊँची कीमतों का असर यह रहा कि बिक्री की मात्रा पिछले साल के मुकाबले लगभग 40 फ़ीसदी कम रही, लेकिन धनराशि के मामले में यह एक बड़ी जीत है।
  • ऑटोमोबाइल सेक्टर में दिखा ‘त्योहारी जोश’ – शुभ खरीदारी की परंपरा में इस बार गाड़ियों ने भी ख़ूब धूम मचाई। टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर के शोरूम्स पर लंबी कतारें लगी रहीं।
  • वाहनों की बिक्री: वाहन विक्रेताओं के अनुसार, अकेले धनतेरस पर लगभग 25,000 दोपहिया और 3,000 चार पहिया वाहन बिके, जिससे इस सेक्टर में कुल बिक्री 1100 करोड़ रुपये से ज़्यादा रही।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल्स ने तोड़ा रिकॉर्ड – घर को रोशन करने और आधुनिक बनाने की चाहत भी ज़ोरों पर थी। एसी, फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन और मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बिक्री ने भी नया रिकॉर्ड बनाया।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स बिक्री: यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्टि्रकल एसोसिएशन के अध्यक्ष आर के मेहरोत्रा ने बताया कि करीब 4,000 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रानिक उत्पाद बिके।
  • इलेक्ट्रिकल उपकरण: वहीं, पंखे, गीजर, डिजाइनर लाइटिंग और अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरणों की खरीदारी 2,000 करोड़ रुपये तक पहुँची।
  • अन्य सेक्टरों में भी बंपर कारोबार – बाकी सेक्टर भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने भी जमकर लक्ष्मी बटोरी।
  • फैशन और कपड़े: त्योहारी फैशन के चलते कपड़ा और रेडीमेड बाज़ारों में करीब 2200 करोड़ रुपये की शानदार बिक्री हुई।
  • उपहार और सजावट: उपहार, डेकोरेशन और ड्राई फ्रूट्स की संयुक्त बिक्री 6,000 करोड़ रुपये के करीब रही।
  • मिठाई की मिठास: मिठाई की दुकानों पर दिन भर भीड़ लगी रही। पारंपरिक मिठाइयों के साथ-साथ ड्राई फ्रूट बेस्ड गिफ्ट बॉक्स की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई। अनुमान है कि मिठाई और फूड आइटम्स की कुल बिक्री 1000 करोड़ रुपये के पार पहुंची।
  • अन्य खरीदारी: इसके अतिरिक्त करीब 600 करोड़ रुपये की मिली-जुली खरीदारी भी दर्ज की गई।

कुल मिलाकर, इस बार की धनतेरस ने साबित कर दिया कि भारतीय बाज़ार का उत्साह और ग्राहकों का भरोसा पूरी तरह से बरकरार है, और आने वाली दिवाली के लिए यह एक बेहद शुभ संकेत है!

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