हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु किसी न किसी रूप में अवतार लेते हैं। अब तक भगवान विष्णु के 9 अवतार हो चुके हैं, लेकिन भगवान कल्कि अवतार (Lord Kalki Avtar) का जन्म होना अभी बाकी है। धार्मिक मान्यताओं और कल्कि पुराण के अनुसार, कलयुग के अंत में अधर्म का विनाश करने के लिए भगवान कल्कि का प्राकट्य होगा।
आज bmbreakingnews.com के इस विशेष लेख में हम जानेंगे कि कैसे भगवान कल्कि अवतार इस कलयुग का अंत करेंगे और वह महायुद्ध कैसा होगा।
जिस प्रकार त्रेता युग में रावण और द्वापर में कंस का आतंक था, उसी प्रकार इस कलयुग का सबसे शक्तिशाली और खतरनाक दानव कली पुरुष (Kali Purush) है। पुराणों के अनुसार: कली पुरुष का जन्म: इसका जन्म समुद्र मंथन के दौरान हुआ था। वर्तमान स्थिति: माना जाता है कि कली पुरुष अभी अपनी पूर्ण अवस्था में नहीं है। पाप का चरम: जब कलयुग में पाप अपने चरम पर होगा, तब कली पुरुष अपनी पूरी शक्ति प्राप्त कर लेगा। इसके बाद धरती पर केवल अधर्म, भ्रष्टाचार और पापियों का बोलबाला होगा।
शास्त्रों के अनुसार, भगवान कल्कि अवतार अकेले नहीं लड़ेंगे। इस धर्मयुद्ध में उनके साथ हिंदू धर्म के 7 चिरंजीवी (जो अमर हैं) शामिल होंगे। इनमें भगवान परशुराम, हनुमान जी, अश्वत्थामा, राजा बलि, महर्षि व्यास, विभीषण और कृपाचार्य शामिल हैं। ये सभी दिव्य शक्तियां मिलकर अधर्म और कली पुरुष के साम्राज्य को जड़ से मिटा देंगी।
विष्णु पुराण में उल्लेख मिलता है कि कलयुग के अंत में होने वाला यह महायुद्ध रामायण और महाभारत से भी अधिक विनाशकारी होगा। भगवान कल्कि अवतार सफेद घोड़े (देवदत्त) पर सवार होकर आएंगे और अपनी दिव्य तलवार से पापियों का संहार करेंगे। इस युद्ध के बाद ही इस घोर कलयुग का अंत होगा और एक बार फिर सतयुग की स्थापना होगी।
कल्कि पुराण का संदेश: जब इंसान की उम्र बहुत कम हो जाएगी, रिश्तों की मर्यादा खत्म हो जाएगी और प्रकृति पूरी तरह नष्ट होने की कगार पर होगी, तभी भगवान कल्कि अवतार का उदय होगा।



