बिहार विधानसभा में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर सियासी पारा लगातार हाई बना हुआ है। मानसून सत्र के चौथे दिन और आखिरी दिन भी विपक्ष ने इस मुद्दे पर जमकर हंगामा किया। उनका साफ कहना है कि जब तक सरकार इस पर कोई ठोस जवाब नहीं देती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
काला कपड़ा, बढ़ा हंगामा और सीएम का गुस्सा : शुक्रवार को विधानसभा में विरोध प्रदर्शन उस वक्त और तेज हो गया जब विपक्ष के सदस्य काले कपड़े पहनकर सदन में आए। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भड़क गए। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “काला कपड़ा पहनकर आते हो…” लेकिन, उनकी नाराजगी का भी विपक्ष पर कोई असर नहीं हुआ और हंगामा जारी रहा। स्थिति बिगड़ती देख विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही दिन के दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सीएम नीतीश का पलटवार: “हमने कितना काम किया है!” : हंगामे पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग हंगामा कर रहे हैं, उन्हें पता ही नहीं कि सरकार ने कितना काम किया है और कैसे चारों तरफ लोगों को फायदा हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी ये लोग हंगामा करते हैं, सब एक ही तरह के काले कपड़े पहनकर आते हैं। दरअसल, विपक्ष वोटर लिस्ट रिवीजन पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए ही काले कपड़े पहनकर आया था।
क्या है असली विवाद? तेजस्वी की धमकी और चुनाव आयोग का दावा : बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर पिछले कई दिनों से हंगामा जारी है। चुनाव आयोग का दावा है कि SIR (Special Summary Revision) का 90% काम पूरा कर लिया गया है और अब बिहार का अगला चुनाव इसी नई वोटर लिस्ट पर होगा।
इसी बात पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव के बहिष्कार तक की धमकी दे डाली है। तेजस्वी ने चुनाव आयोग की भूमिका और सरकार के इरादों पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी महाराष्ट्र और कर्नाटक का उदाहरण देते हुए “इलेक्शन चोरी” का आरोप लगाया है।
राबड़ी देवी की चिंता: “तेजस्वी की जान को खतरा!” : पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी वोटर लिस्ट रिवीजन पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “हम निश्चित रूप से विरोध करेंगे। क्योंकि यह बिहार के लोगों के बारे में है। उन 4 करोड़ लोगों का क्या जो राज्य से बाहर चले गए हैं?” उन्होंने राज्य सरकार से इस पर जवाब मांगा है।
इससे भी बड़ी बात यह है कि राबड़ी देवी ने तेजस्वी यादव की जान को खतरा बताया है। उनका कहना है कि तेजस्वी यादव को मारने के 4 प्रयास किए गए हैं और उनकी जान को खतरा है। उन्होंने भाजपा और जेडीयू पर इसके लिए साजिश करने का आरोप भी लगाया।
आगे क्या? : वोटर लिस्ट रिवीजन पर यह विवाद अभी थमने वाला नहीं है। विपक्ष अपने रुख पर कायम है और सरकार भी अपने बचाव में तर्क दे रही है। देखना होगा कि इस “सियासी महाभारत” का अंत कब और कैसे होता है, और क्या बिहार में विधानसभा चुनाव नई वोटर लिस्ट पर ही होंगे या इस पर कोई और मोड़ आएगा।





