वाराणसी के जैतपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत औसानगंज में अवैध जुए के बड़े खेल का पर्दाफाश। निक्की जायसवाल के खंडहरनुमा मकान में अजय जायसवाल द्वारा संचालित हो रहा है करोड़ों का जुआ। मात्र 2 घंटे में दांव पर लग रहे हैं करोड़ों रुपये। स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। पढ़ें bmbreakingnews.com पर पूरी रिपोर्ट।
वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में इन दिनों एक सनसनीखेज चर्चा का बाजार गर्म है। शहर के जैतपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत औसानगंज इलाके में अवैध जुए के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की खबर ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सूत्रों की मानें तो औसानगंज में एक खंडहरनुमा मकान जुआरियों का नया ‘सेफ हेवन’ बन चुका है।
निक्की जायसवाल के खंडहर में करोड़ों का दांव – सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, औसानगंज स्थित निक्की जायसवाल के खंडहरनुमा मकान में प्रतिदिन जुए का बड़ा खेल संचालित किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध कारोबार किसी गुप्त अंधेरी रात में नहीं, बल्कि दिनदहाड़े पुलिस की नाक के नीचे चल रहा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस खंडहर में हर दिन सीमित समय के भीतर करोड़ों रुपये की हार-जीत तय होती है।
महज 2 घंटे में सिमटा है पूरा खेल – इस जुए के अड्डे की सबसे बड़ी विशेषता इसका समय है। बताया जा रहा है कि यह खेल समय: सुबह करीब 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक। अवधि: मात्र दो घंटे। कारोबार: लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये का दांव। इतने कम समय में इतनी बड़ी रकम का लेन-देन इस बात की ओर इशारा करता है कि यह कोई साधारण जुआ नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध (Organized Crime) का हिस्सा है।
अजय जायसवाल: जुए के खेल का ‘मास्टरमाइंड’? – सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे काले कारोबार का संचालन अजय जायसवाल नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अजय जायसवाल मूल रूप से राजा तालाब क्षेत्र का निवासी है। चर्चा है कि अजय के नेटवर्क के कारण ही शहर के दूर-दराज इलाकों और आसपास के जिलों से भी बड़े सटोरिये और जुआरी इस खंडहरनुमा मकान में खिंचे चले आते हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए बड़े सवाल – स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और भय व्याप्त है। लोगों का कहना है कि औसानगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाके में इतनी बड़ी गतिविधि होना और पुलिस को इसकी भनक न लगना समझ से परे है।
“जब हर दिन सुबह-सुबह अनजान लग्जरी गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है, तो क्या बीट के सिपाहियों और स्थानीय थाने को इसकी जानकारी नहीं है? यह सीधे तौर पर मिलीभगत का मामला प्रतीत होता है।” – एक स्थानीय निवासी (नाम गोपनीय)
वाराणसी में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के बीच, औसानगंज का यह जुआ अड्डा पुलिस की साख पर बट्टा लगा रहा है। स्थानीय लोगों ने अब इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि जैतपुरा थाना पुलिस और वाराणसी कमिश्नरेट के आला अधिकारी इस ‘करोड़पति जुआ सिंडिकेट’ पर कब शिकंजा कसते हैं।




