वाराणसी (bmbreakingnews.com): श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने आई एक वृद्ध महिला श्रद्धालु के लिए वाराणसी पुलिस देवदूत बनकर सामने आई। अपनों से बिछड़कर भटक रही माँ को पुलिस ने अपनी सूझबूझ और अथक प्रयासों से महज कुछ ही घंटों में उनके परिवार से मिला दिया। इस सुखद पुनर्मिलन के बाद परिवार ने वाराणसी पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया और उनकी कार्यशैली की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
यह मामला पुलिस आयुक्त, वाराणसी, द्वारा चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण और जनसेवा अभियान की सफलता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत काशी-जोन पुलिस पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही है।
क्या थी घटना? – दिनांक 24 जुलाई, 2025 को एक बुजुर्ग महिला, जिनका नाम अंजली डे है, घबराई हुई अवस्था में चौक थाने पहुँचीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह पश्चिम बंगाल से अपने परिवार के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने आई थीं, लेकिन भीड़ में वह अपने परिजनों से बिछड़ गईं। भाषा की भिन्नता और अपरिचित शहर होने के कारण वह किसी से संपर्क नहीं कर पा रही थीं।
पुलिस ने ऐसे की मदद – थाना चौक के प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई। उपनिरीक्षक यशवन्त सिंह ने बड़ी ही विनम्रता और धैर्य के साथ महिला से बातचीत की और उनके पते की जानकारी हासिल की।
पुलिस टीम ने बिना देरी किए सर्विलांस और सोशल मीडिया की मदद ली। साथ ही, महिला द्वारा बताए गए पते के आधार पर पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले की धूपगुढ़ी थाना पुलिस से संपर्क साधा। पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से तत्काल उनके परिजन अजय डे का पता लगाया गया और उन्हें सूचित किया गया कि उनकी माँ सुरक्षित वाराणसी के चौक थाने में हैं।
आँखों में आँसू और लबों पर मुस्कान – सूचना मिलते ही परिजन भागे-भागे चौक थाने पहुँचे। अपनी माँ को सकुशल देखकर उनकी आँखों में खुशी के आँसू छलक आए। उन्होंने बताया कि वे लोग अपनी माँ को हर जगह ढूँढ़ रहे थे और बहुत परेशान थे। उन्होंने वाराणसी पुलिस की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा, “वाराणसी पुलिस ने जो किया, उसे हम जिंदगी भर नहीं भूलेंगे। उन्होंने हमारी माँ को हम तक पहुँचाकर बहुत बड़ा उपकार किया है।” पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही पूरी कर अंजली डे को उनके परिजनों को सौंप दिया।
इस सराहनीय कार्य को करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार मिश्र, थाना चौक, उपनिरीक्षक यशवन्त सिंह, कांस्टेबल सुनील कुमार त्रिपाठी, थाना चौक शामिल रहे।
यह घटना वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस के “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के संकल्प को चरितार्थ करती है और श्रद्धालुओं के मन में पुलिस के प्रति सम्मान और विश्वास को और भी गहरा करती है।





