उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी काशी एक बार फिर ऐतिहासिक पलों की गवाह बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र से पूरे देश को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका अब केवल सहायक नहीं, बल्कि केंद्रीय और निर्णायक है। “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ पीएम ने काशी की दिव्यता और महिलाओं के सामर्थ्य को एक सूत्र में पिरो दिया।
काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा और नारी शक्ति का संगम – प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत महादेव के जयकारे से की। उन्होंने काशी को माता श्रृंगार गौरी, अन्नपूर्णा, विशालाक्षी और मां गंगा की पावन भूमि बताते हुए कहा कि इस नगरी की दिव्यता ही भारत की सांस्कृतिक विरासत का आधार है। पीएम के अनुसार, जिस तरह काशी हर कार्य शिव के आशीर्वाद से शुरू करती है, वैसे ही राष्ट्र निर्माण का हर संकल्प महिलाओं के बिना अधूरा है।
पीएम ने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका आज हर क्षेत्र में दिखाई दे रही है। चाहे वह शिक्षा हो, उद्यमिता हो, विज्ञान हो या देश की रक्षा—बेटियां हर मोर्चे पर तिरंगा लहरा रही हैं।

‘लखपति दीदी’ और ‘स्वयं सहायता समूह’: आर्थिक क्रांति का आधार – प्रधानमंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि कैसे जमीनी स्तर पर बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की 10 करोड़ महिलाएं आज स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। 3 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक संजीवनी साबित हो रहा है। सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से करोड़ों बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जा रहा है, जिससे समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है।
नारी वंदन अधिनियम: राजनीति में निर्णायक भागीदारी – प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में नारी वंदन अधिनियम का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह कानून महज एक कागजी बदलाव नहीं, बल्कि महिलाओं को नीति-निर्धारण (Decision Making) की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कदम है। संसद और विधानसभाओं में 33% आरक्षण महिलाओं की राजनीतिक ताकत को नई ऊंचाई देगा।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि कुछ पार्टियां नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी से घबराती हैं, लेकिन उनकी सरकार “नागरिक देवो भव:” की भावना के साथ हर महिला को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
काशी का कायाकल्प और नई कनेक्टिविटी – महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ पीएम ने काशी के विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। अमृत भारत एक्सप्रेस: काशी और अयोध्या के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विकास परियोजनाएं: सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाएं काशी के समग्र विकास को गति देंगी।
लेख के अंत में प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल ‘लाभार्थी’ तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन्हें ‘विकास का भागीदार’ बनाना है। विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका ही वह इंजन है, जो भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने और एक विकसित राष्ट्र के सपने को साकार करने में मदद करेगी।




