कामाख्या मंदिर में (झाड़-फूक) पूजा कराने के नाम पर वित्तीय साइबर फ्रॉड करने वाले के विरुद्ध वाराणसी साइबर सेल की प्रतिबिंब टीम ने अभियोग पंजीकृत किया है। गूगल विज्ञापन के जरिए ठगी करने वाला विनय तिवारी गिरफ्तार। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
वाराणसी: धर्म और आस्था की नगरी काशी में साइबर अपराधी अब भक्तों की श्रद्धा का फायदा उठाकर उन्हें ठगी का शिकार बना रहे हैं। ताज़ा मामले में कामाख्या मंदिर में (झाड़-फूक) पूजा कराने के नाम पर वित्तीय साइबर फ्रॉड करने वाले के विरुद्ध जनपदीय साइबर क्राइम सेल की प्रतिबिंब टीम के द्वारा अभियोग पंजीकृत कराया गया है। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की साइबर सेल ने एक ऐसे शातिर अपराधी को बेनकाब किया है जो गूगल पर फर्जी विज्ञापन के जरिए लोगों को अपनी जाल में फंसाता था।
पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की बड़ी कार्रवाई – पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल के कुशल निर्देशन और पुलिस उपायुक्त अपराध प्रमोद कुमार के मार्गदर्शन में साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इसी क्रम में अपर पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध नीतू काद्यान एवं सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध विदुष सक्सेना के नेतृत्व में प्रतिबिंब टीम को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है।
ठगी का तरीका: गूगल विज्ञापन बना हथियार – पकड़ा गया अभियुक्त विनय तिवारी (पुत्र साहबलाल तिवारी, निवासी संत रविदास नगर) बेहद शातिर तरीके से ठगी को अंजाम देता था। छद्म वेश और फर्जी पहचान: अभियुक्त गूगल पर खुद को कामाख्या देवी मंदिर का पुजारी बताकर विज्ञापन चलाता था। झाड़-फूक का झांसा: विज्ञापन में दावा किया जाता था कि वह झाड़-फूक के जरिए हर समस्या का समाधान कर सकता है। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन: जब लोग उसके मोबाइल नंबर 7392977686 पर संपर्क करते थे, तो वह पूजा और अनुष्ठान के नाम पर अपने बैंक खाते में पैसे मंगवा लेता था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी एक पीड़ित ने NCRP (www.cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
अभियुक्त का विवरण और बरामदगी – पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को चिन्हित किया और थाना मिर्जामुराद में मामला दर्ज किया। नाम: विनय तिवारी (उम्र 35 वर्ष) निवासी: झउवा पिलखिनी, औराई, जनपद संत रविदास नगर। आपराधिक इतिहास: मु0अ0सं0 95/2026 धारा 319 (1)/351(2) बीएनएस व 66(D) आईटी एक्ट। बरामदगी: ठगी में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन (VIVO T3 PRO)।
सराहनीय कार्य करने वाली टीम – वाराणसी की साइबर क्राइम सेल की प्रतिबिंब टीम का यह “गुड वर्क” चर्चा का विषय बना हुआ है। इस सफल ऑपरेशन में निम्नलिखित अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही : मनोज तिवारी (प्रभारी निरीक्षक, साइबर क्राइम सेल), दिव्या भदोरिया (म०उ०नि०), अंकित कुमार गुप्ता (कांस्टेबल), अविनाश कुमार सिंह (उ०नि०, थाना मिर्जामुराद हेल्प डेस्क)।
वाराणसी साइबर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि गूगल पर किसी भी अनजान नंबर या विज्ञापन पर भरोसा कर ऑनलाइन पैसे न भेजें। कामाख्या मंदिर में (झाड़-फूक) पूजा कराने के नाम पर वित्तीय साइबर फ्रॉड जैसे मामलों से बचने के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों का ही उपयोग करें।





