वाराणसी (bmbreakingnews.com)। उत्तर प्रदेश की पवित्र नगरी वाराणसी में अपराधियों और अवैध धंधेबाजों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के कड़े निर्देशों के बाद, अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रामनगर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
पुलिस उपायुक्त (जोन काशी) और अपर पुलिस उपायुक्त के निर्देशन में रामनगर पुलिस ने ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत घेराबंदी करके एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से भारी मात्रा में अवैध असलहे और कारतूस बरामद हुए हैं।
मुखबिर की सटीक सूचना पर पीएसी तिराहे के पास घेराबंदी –घटना दिनांक 21 मई 2026 की है, जब रामनगर पुलिस की टीम क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात्रि गश्त और सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को एक खास मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध युवक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर अवैध हथियारों के साथ पीएसी तिराहे से दुर्गा मंदिर की तरफ जा रहा है।
सूचना मिलते ही रामनगर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीम ने बावन बीघा मैदान से नाथूपुर जाने वाले कच्चे रास्ते पर बुलेट सवार को चारों तरफ से घेर लिया और उसे रोकने पर मजबूर कर दिया।
तलाशी में बरामद हुए अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस – जब पुलिस टीम ने पकड़े गए युवक की तलाशी ली, तो उसके पास से जो बरामद हुआ उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। आरोपी के पास से 02 अवैध पिस्टल, 02 मैगजीन और कुल 07 जिंदा अवैध कारतूस बरामद किए गए।
रामनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ थाना रामनगर में मु0अ0सं0-0127/2026 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
बिहार के मुंगेर से जुड़े हैं तार: ऐशो-आराम के लिए करता था तस्करी – पकड़े गए अभियुक्त की पहचान 22 वर्षीय नितेश पाण्डेय पुत्र शिवपूजन पाण्डेय के रूप में हुई है, जो दयावती मोदी एकेडमी के पास, टेंगरा मोड़ (भीटी, थाना रामनगर, वाराणसी) का रहने वाला है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी नितेश ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया:
“मैं अवैध असलहों और कारतूस की खरीद-बिक्री का काम करता हूँ। इस अवैध धंधे से जो भी पैसे मिलते हैं, उससे मैं अपने महंगे शौक और ऐशो-आराम पूरे करता हूँ। आज भी मैं इन हथियारों को किसी ग्राहक को बेचने निकला था, लेकिन जब ग्राहक नहीं आया तो मैं वापस टेंगरा मोड़ अपने घर जा रहा था, तभी पुलिस ने मुझे पकड़ लिया।”
जब पुलिस ने हथियारों के स्रोत के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह करीब एक साल पहले इन असलहों को बिहार के मुंगेर से खरीदकर लाया था। मुंगेर में ही एक अंजान शख्स ने उसे एक खेत में ले जाकर ये पिस्टल बेची थीं, जो अपना नाम-पता नहीं बताया था।
इस बड़ी कामयाबी और हथियारों की तस्करी के भंडाफोड़ में रामनगर पुलिस के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्र, उ0नि0 जय प्रकाश सिंह, उ0नि0 नितेश शर्मा, उ0नि0 पंकज कुमार मिश्रा, हे0का0 राकेश सिंह, हे0का0 सूर्यप्रकाश तिवारी, हे0का0 रविन्द्र सिंह, रि0का0 आलोक कुमार, रि0का0 अभिनव कुमार के जवानों की मुख्य भूमिका रही।
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने साफ कर दिया है कि शहर में अमन-चैन बिगाड़ने वाले और अवैध हथियारों की तस्करी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी नितेश पाण्डेय के खिलाफ आगे की आवश्यक विधिक कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
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