बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल और धनंजय कुमार ने पक्ष रखा।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से एक बड़ी कानूनी खबर सामने आ रही है। चोलापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के गंभीर मामले में नामजद आरोपित को अदालत से बड़ी राहत मिल गई है। वाराणसी के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नितिन पाण्डेय की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपित राबिन यादव को जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया है।

अदालत ने तारापुर, सिंधौरा निवासी आरोपित राबिन यादव को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें और समान राशि का बंधपत्र (बॉन्ड) प्रस्तुत करने पर जेल से रिहा करने का हुक्म दिया। इस मामले में अदालत के समक्ष बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल और धनंजय कुमार ने मजबूती से अपना पक्ष रखा।

स्कूल आते-जाते समय ब्लैकमेलिंग और छेड़खानी का था आरोप – इस मामले की शुरुआत अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा द्वारा चोलापुर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) से हुई थी। पीड़ित परिवार का आरोप था कि उनकी साढ़े सोलह वर्षीय नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म किए जाने से पहले आरोपित राबिन यादव उसे लंबे समय से प्रताड़ित कर रहा था।

आरोप के मुताबिक, राबिन पिछले कई दिनों से किशोरी को स्कूल आते-जाते समय रास्ते में रोककर छेड़खानी करता था। इतना ही नहीं, वह किशोरी को लगातार ब्लैकमेल भी कर रहा था। आरोपित का दावा था कि उसके फोन में किशोरी की कुछ तस्वीरें और वीडियो हैं, जिन्हें वह पूरे गाँव में वायरल कर देगा, जिससे वह कहीं मुँह दिखाने लायक नहीं रहेगी। लोक-लाज और सामाजिक बदनामी के डर से किशोरी ने यह बात अपने परिवार में किसी को नहीं बताई, जिससे आरोपित के हौसले और बुलंद हो गए।

चांदमारी चौराहे से किडनैपिंग और मुगलसराय में बंधक बनाने की कहानी – पीड़ित पक्ष द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 14 मार्च 2026 को शाम करीब 04:30 बजे आरोपित राबिन यादव ने किशोरी को डरा-धमकाकर चांदमारी चौराहे से जबरन अपने साथ ले गया। यह मामला सीधे तौर पर एक नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म को अंजाम देने की साजिश का हिस्सा था।

शिकायत के मुताबिक, आरोपित उसे मुगलसराय (पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर), चन्दौली ले गया और वहाँ एक कमरे में बंधक बनाकर रखा। आरोप है कि वहाँ उसने असलहे (हथियार) के बल पर किशोरी को डराया और दो दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद, वारदात की बात किसी को भी बताने पर किशोरी और उसके पूरे परिवार को गोली मार देने की धमकी दी। 15 मार्च 2026 की रात करीब 10:30 बजे आरोपित उसे वाराणसी के भोजूबीर चौराहे पर छोड़कर फरार हो गया।

डरी हुई किशोरी ने दो दिन बाद बयां की थी आपबीती – आरोपित के चंगुल से छूटकर पीड़ित बेटी किसी तरह अपने घर पहुँची, लेकिन वह इस खौफनाक वाकये से इतनी डरी और सहमी हुई थी कि शुरू में परिवार के सदस्यों को कुछ भी नहीं बता पा रही थी। घटना के दो दिन बाद यानी 17 मार्च 2026 को जब उसकी स्थिति थोड़ी सामान्य हुई और परिवार के लोगों ने उसे ढांढस बंधाया, तब उसने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई।

परिवार के पैरों तले खिसकी जमीन: अपनी मासूम बेटी के साथ हुई इस दरिंदगी को सुनकर पूरे परिवार के लोग सन्न रह गये। वादी का आरोप था कि राबिन यादव ने उनकी बेटी का जीवन पूरी तरह बर्बाद कर दिया। शिकायत मिलने के बाद हरकत में आई चोलापुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित राबिन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अपहरण सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, पॉक्सो कोर्ट ने आरोपित राबिन यादव की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उसे सशर्त रिहा करने का आदेश दे दिया है, जिसे बचाव पक्ष के लिए एक बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है।

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