वाराणसी। जनपद के कैंट थाना क्षेत्र से एक अत्यंत हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहाँ विद्युत विभाग में पिछले 26 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे एक संविदा कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। कार्य के दौरान हुए इस हादसे ने विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है।
ड्यूटी के दौरान हुए हादसे ने छीनी जिंदगी – मिली जानकारी के अनुसार, खजूरी (इनकम टैक्स ऑफिस के पीछे) के निवासी श्रीराम जी सोनकर (50 वर्ष), पुत्र धनीराम, विद्युत विभाग में संविदा कर्मचारी के रूप में तैनात थे। बीते 26 वर्षों से वह पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहे थे। घटना के वक्त वह बिजली फाल्ट ठीक कर रहे थे, तभी अचानक संविदा कर्मी की करंट लगने से मौत का कारण बनने वाला विद्युत स्पर्शाघात (Electric Shock) लगा।

करंट की चपेट में आने से श्रीराम गंभीर रूप से झुलस गए। सहकर्मियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल ईएसआईसी (ESIC) हॉस्पिटल में भर्ती कराया, लेकिन डॉक्टरों के कड़े संघर्ष के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।
अधूरा रह गया 5 बच्चों का सपना – मृतक श्रीराम सोनकर अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। वह अपने पीछे पत्नी और 5 बच्चों (तीन लड़के और दो लड़कियां) का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। संविदा कर्मी की करंट लगने से मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
प्रशासनिक कार्यवाही और पोस्टमार्टम – घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक कैंट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। त्वरित कार्यवाही: जिला प्रशासन और पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतक का पोस्टमार्टम रात में ही कराए जाने का प्रबंध किया है। शांति व्यवस्था: मौके पर शांति कायम है और प्रभारी निरीक्षक शिवपुर को भी मामले की जानकारी साझा की गई है।
मुआवजे की उठी मांग – विद्युत विभाग के अधिकारियों को इस दुर्घटना की सूचना दे दी गई है। स्थानीय नागरिकों और विभाग के अन्य कर्मचारियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मांग की है कि 26 वर्षों तक विभाग को अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा देने वाले संविदा कर्मी की करंट लगने से मौत के बाद उनके आश्रितों को उचित आर्थिक सहायता और सरकारी लाभ प्रदान किया जाए।




