वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी में बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता के लिए वाराणसी पुलिस लगातार तत्पर है। पुलिस आयुक्त वाराणसी महोदय द्वारा अपराध एवं अपराधियों की रोकथाम, चोरी, लूट व धोखाधड़ी की घटनाओं के सफल अनावरण और गुमशुदा व्यक्तियों तथा वस्तुओं की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के क्रम में थाना चौक पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए महाराष्ट्र के नासिक से आए एक भटके हुए 18 वर्षीय युवक को सकुशल खोजकर उसके पिता के सुपुर्द कर दिया है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के कुशल निर्देशन और पुलिस उपायुक्त (काशी-जोन), अपर पुलिस उपायुक्त (काशी जोन), अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) तथा सहायक पुलिस आयुक्त (दशाश्वमेध) के नेतृत्व में थाना चौक पुलिस टीम द्वारा अंजाम दी गई।
दोस्तों से बिना बताए निकला था घर से, मंदिर में बिछड़ा = घटना के विवरण के अनुसार, नासिक (पंचवटी, महाराष्ट्र) का रहने वाला एक 18 वर्षीय लड़का बीते 21 जून 2026 को अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए बिना बताए घर से निकल गया था। वह 23 जून 2026 को वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचा। दर्शन के दौरान ही भारी भीड़ में वह अपने दोस्तों से बिछड़ गया। घबराए हुए लड़के ने वहां मौजूद एक श्रद्धालु के मोबाइल फोन से अपने पिता को फोन लगाया और बताया कि वह अपने दोस्तों से बिछड़ चुका है और इस वक्त विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर-4 पर खड़ा है।
CUG नंबर पर आई कॉल और चौक पुलिस ने तत्परता से की कार्रवाई = बेटे के लापता होने और वाराणसी में फंसे होने की जानकारी मिलते ही पिता ने तत्काल थाना चौक के प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा के CUG मोबाइल नंबर (9454404383) पर संपर्क किया। पुलिस आयुक्त वाराणसी के अभियान के निर्देशों का पालन करते हुए प्रभारी निरीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई शुरू की।
उन्होंने बिना समय गंवाए चौकी प्रभारी के.वी.एम. उपनिरीक्षक पुष्कर दुबे और कांस्टेबल सुनील कुमार त्रिपाठी को गेट नंबर-4 की तरफ रवाना किया। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए थोड़ी ही देर में लड़के को मंदिर के पास नंदूफेरिया गली में बेहद घबराया हुआ ढूंढ निकाला। पूछने पर लड़के ने बताया कि उसके पास न तो पैसे बचे हैं और न ही मोबाइल फोन है।
वीडियो कॉल से हुई पहचान, सरकारी मेस में खिलाया खाना = पुलिस टीम युवक को तत्काल थाना चौक लेकर आई। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक ने लड़के के पिता को वीडियो कॉल की, जिसके जरिए पिता ने अपने 18 वर्षीय बेटे की पहचान की। पुलिस आयुक्त वाराणसी की कमिश्नरेट पुलिस ने इसके बाद बेहतरीन मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए युवक को ढांढस बंधाया और थाने के सरकारी मेस से उसे सम्मानपूर्वक खाना-पीना खिलाया। इधर, बेटे के सकुशल मिलने की खबर पाते ही पिता तुरंत नासिक से वाराणसी के लिए रवाना हो गए।
पिता की आंखें हुईं नम, वाराणसी पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा = आज दिनांक 25 जून 2026 को गुमशुदा लड़के के पिता नासिक से थाना चौक पहुंचे। पुलिस टीम ने नियमानुसार नाम और पते की तस्दीक (वेरिफिकेशन) करने के बाद युवक को उसके पिता को सकुशल सौंप दिया। अपने खोए हुए बेटे को दोबारा सामने देख पिता की आंखें नम हो गईं। परिजनों ने संकट के समय में इतनी त्वरित सहायता करने के लिए थाना चौक पुलिस का दिल से धन्यवाद किया और पुलिस आयुक्त वाराणसी समेत पूरी वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
इस मानवीय और सराहनीय कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम में दिलीप कुमार मिश्रा (प्रभारी निरीक्षक, थाना चौक, कमिश्नरेट वाराणसी), पुष्कर दूबे (उपनिरीक्षक, थाना चौक, कमिश्नरेट वाराणसी), सुनील कुमार त्रिपाठी (कांस्टेबल, थाना चौक, कमिश्नरेट वाराणसी), कुँवर बहादुर सिंह (कांस्टेबल, थाना चौक, कमिश्नरेट वाराणसी) शामिल रहे।




