वाराणसी। काशी आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। उत्तर प्रदेश शासन ने बहुप्रतीक्षित वाराणसी रोप-वे परियोजना (Varanasi Ropeway Project) के लिए किराया दरों की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। शहर के ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने और सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है। प्रशासन ने आम जनता की जेब का ख्याल रखते हुए बेहद किफायती वाराणसी रोप-वे किराया निर्धारित किया है।
वाराणसी रोप-वे किराया: न्यूनतम ₹10 और अधिकतम ₹50 = अधिसूचना के मुताबिक, रोप-वे के विभिन्न स्टेशनों के बीच यात्रा करने के लिए न्यूनतम किराया ₹10 और अधिकतम किराया ₹50 तय किया गया है। अगर आप वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से सीधे गोदौलिया चौक तक की पूरी यात्रा करते हैं, तो आपको मात्र ₹50 का टिकट लेना होगा। वहीं, विद्यापीठ से रथयात्रा जैसे छोटे सफर के लिए केवल ₹10 का शुल्क निर्धारित किया गया है।
‘काशी स्मार्ट पास’ पर मिलेगी 20% की विशेष छूट = स्थानीय नागरिकों, कामकाजी लोगों और नियमित यात्रा करने वालों के लिए राहत की बात यह है कि ‘काशी स्मार्ट पास’ इस्तेमाल करने पर वाराणसी रोप-वे किराया में 20 फीसदी की सीधी छूट मिलेगी। इस छूट के बाद कैंट से गोदौलिया तक का ₹50 का सफर मात्र ₹40 में पूरा होगा। विद्यापीठ से रथयात्रा तक का ₹10 का सफर सिर्फ ₹8 में उपलब्ध होगा।
किराए में बढ़ोतरी का नियम: निर्धारित की गई इन किराया दरों में हर साल 1 अप्रैल को 5 फीसदी की वृद्धि की जाएगी, जिसे ₹5 के निकटतम गुणांक (nearest multiple) तक पूर्णांकित (round off) किया जाएगा।
वाराणसी रोप-वे परियोजना के तहत यात्रियों की सुविधा के लिए वाराणसी कैंट स्टेशन पर एक आधुनिक क्लॉक रूम (Clock Room) भी बनाया जाएगा। फ्री सुविधा: वैध टिकट धारक शुरुआती दो घंटे तक अपना सामान यहाँ बिल्कुल मुफ्त रख सकेंगे। अतिरिक्त शुल्क: दो घंटे के बाद, 15 किलोग्राम तक के सामान के लिए ₹50 प्रति घंटा की दर से शुल्क देना होगा।
इसके अलावा, वीआईपी पर्यटकों और ग्रुप में यात्रा करने वालों के लिए प्रीमियम गोंडोला सेवा का भी विकल्प रखा गया है। प्रीमियम गोंडोला का सामान्य किराया ₹2000 प्रति यात्रा होगा। हालांकि, यदि कोई संस्था या ग्रुप पहले से एडवांस बुकिंग (अग्रिम आरक्षण) कराता है, तो यह सुविधा प्रति गोंडोला मात्र ₹1200 प्रति यात्रा में मिलेगी।
समय की भारी बचत: 45 मिनट का सफर सिर्फ 15 मिनट में = यह वाराणसी रोप-वे परियोजना देश की पहली शहरी पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोप-वे परियोजना है। यह कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौक तक लगभग 3.75 किलोमीटर लंबे रूट पर चलेगी।
| विशेषता | सड़क मार्ग | वाराणसी रोप-वे |
| यात्रा का समय | 30 से 45 मिनट | सिर्फ 15 से 16 मिनट |
| जाम की समस्या | अत्यधिक | शून्य (पूरी तरह जाम मुक्त) |
| प्रदूषण | वाहनों का धुआं | eco-friendly (प्रदूषण मुक्त) |
इस सेवा के शुरू होने से न सिर्फ गोदौलिया और दशाश्वमेध घाट जाने वाले पर्यटकों को राहत मिलेगी, बल्कि शहर की सड़कों पर गाड़ियों का दबाव और प्रदूषण भी काफी कम होगा।
हाईटेक स्टेशन और आधुनिक सुविधाएं = इस वाराणसी रोप-वे परियोजना (Varanasi Ropeway Project) के तहत वाराणसी कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा और गोदौलिया में विश्वस्तरीय आधुनिक स्टेशन विकसित किए गए हैं। इन स्टेशनों को डिजाइन करते समय दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सहूलियत का खास ख्याल रखा गया है। यहाँ लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां (एस्केलेटर), सीसीटीवी (CCTV) निगरानी, पुख्ता अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल टिकटिंग जैसी बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी।
यह रोप-वे सीधे श्री काशी विश्वनाथ धाम, दशाश्वमेध घाट, गोदौलिया बाजार और रेलवे स्टेशन को आपस में जोड़ेगा, जिससे रोजाना हजारों श्रद्धालुओं और व्यापारियों का आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा।




