वाराणसी (BM Breaking News): जनपद वाराणसी के अंसाराबाद कज्जाकपुरा स्थिति दबिस्तां गर्ल्स स्कूल में 2 अगस्त (रविवार) को दोपहर 2:00 बजे एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। উত্তর प्रदेश डेमोक्रेटिक फोरम वाराणसी विचार गोष्ठी के अंतर्गत ‘मजबूत लोकतंत्र: चुनौतियां और संभावनाएं’ विषय पर गंभीर विमर्श हुआ। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों के लिए एक भव्य सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया।
मुख्य वक्ताओं ने रखी अपनी बेबाक राय = इस बहुचर्चित उत्तर प्रदेश डेमोक्रेटिक फोरम वाराणसी विचार गोष्ठी में देश और समाज के जाने-माने बुद्धिजीवियों, कानूनविदों और निष्पक्ष विचारकों ने अपनी बात रखी : प्रोफेसर महेश विक्रम: वरिष्ठ इतिहासकार एवं पूर्व निदेशक (आईटीएस, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ) ने ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए बताया कि भारतीय समाज में लोकतांत्रिक मूल्यों की जड़ें कितनी गहरी हैं। जस्टिस बी.डी. नकवी: सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश एवं निष्पक्ष विचारक ने संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और कानून के शासन को लोकतंत्र की असली आत्मा बताया। मलिक मोहतसिम खान: उपाध्यक्ष, जमात-ए-इस्लामी हिंद (प्रधान परिषद) ने सामाजिक सौहार्द और नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूकता को लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए अनिवार्य बताया।

‘मजबूत लोकतंत्र: चुनौतियां और संभावनाएं’ पर सामाजिक मंथन = इस उत्तर प्रदेश डेमोक्रेटिक फोरम वाराणसी विचार गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में लोकतांत्रिक ढांचे के समक्ष उपस्थित विविध सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों की पहचान करना था। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि जब तक आम जनमानस जागरूक होकर लोकतंत्र की प्रक्रियाओं में सहभागिता दर्ज नहीं कराएगा, तब तक चुनौतियों का समाधान संभव नहीं है।
सैकड़ों की संख्या में सामाजिक व आम जनमानस की रही उपस्थिति = कज्जाकपुरा के दबिस्तां गर्ल्स स्कूल में आयोजित इस उत्तर प्रदेश डेमोक्रेटिक फोरम वाराणसी विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह में शहर के सैकड़ों बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में आए हुए अतिथियों और वक्ताओं को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने इस सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों और उपस्थित जनसमूह का आभार प्रकट किया।



