उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में इन दिनों साइबर अपराधियों की खैर नहीं है। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ (Operation Cy-Vajra) के तहत ऑनलाइन ठगों के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर हजारों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर ठग को पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दबोच लिया है। ताजा वाराणसी साइबर क्राइम न्यूज सारनाथ थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहां साइबर क्राइम सेल की प्रतिबिम्ब टीम और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

क्या है पूरा मामला? = मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता पूजा कुमारी ने साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को रेलवे का कर्मचारी बताकर उन्हें झांसे में लिया। आरोपी ने पीड़िता को रेलवे में पक्की नौकरी दिलाने का पूरा भरोसा दिया और इसके बदले कुल 76,000 रुपये ऐंठ लिए। इसमें से 8,825 रुपये बैंकिंग माध्यम (ऑनलाइन) से लिए गए, जबकि बाकी की रकम नकद (Cash) वसूली गई थी।
‘प्रतिबिम्ब’ पोर्टल और तकनीकी सर्विलांस से खुला राज = शिकायत मिलते ही साइबर सेल एक्शन में आ गई। वाराणसी साइबर क्राइम न्यूज के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में साइबर शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में : संदिग्ध नंबर की ट्रैकिंग: साइबर सेल की ‘प्रतिबिम्ब’ टीम ने जब पोर्टल पर प्राप्त ऑनलाइन शिकायतों का विश्लेषण किया, तो संदिग्ध मोबाइल नंबर 8009158181 का संबंध इस ठगी से पाया गया। लोकेशन ट्रेसिंग: मोबाइल नंबर की CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और CAF (कस्टमर एप्लिकेशन फॉर्म) की जांच करने पर पता चला कि सिम कार्ड लवकुश पुत्र मिसरी यादव (निवासी गाजीपुर) के नाम पर रजिस्टर्ड है। पहड़िया में मिली लोकेशन: तकनीकी विश्लेषण में आरोपी की लोकेशन वाराणसी के थाना सारनाथ अंतर्गत अकथा, पहड़िया क्षेत्र में मिली।
यह भी पढ़ें: पुलिस उपायुक्त अपराध एवं अपर पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध के निर्देशन तथा सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध के पर्यवेक्षण में इस पूरी संयुक्त कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
लोकेशन कंफर्म होते ही साइबर क्राइम सेल की प्रतिबिम्ब टीम के उपनिरीक्षक आलोक कुमार यादव, महिला उपनिरीक्षक दिव्या भदौरिया और आरक्षी अंकित गुप्ता ने सारनाथ थाने के उपनिरीक्षक राहुल कुमार यादव व महिला कांस्टेबल अनुराधा के साथ मिलकर अकथा (पहड़िया) में छापेमारी की। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।
आरोपी की पहचान और बरामदगी = अभियुक्त का नाम: लवकुश यादव (उम्र करीब 32 वर्ष) निवासी: महमूदपुर हथिनी, देवकली, जनपद गाजीपुर, उत्तर प्रदेश। बरामदगी: आरोपी की जामा तलाशी के दौरान उसके पास से 01 अदद OPPO A5x 5G मोबाइल फोन बरामद हुआ। इस फोन का IMEI और ठगी में इस्तेमाल किया गया नंबर प्रतिबिम्ब पोर्टल के डेटा से पूरी तरह मैच हो गया। गहन पूछताछ में अभियुक्त लवकुश ने कबूल किया कि उसने खुद को फर्जी रेलवे कर्मचारी बताकर पीड़िता से नौकरी के नाम पर पैसे ऐंठे थे। डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता पूरी तरह स्पष्ट हो गई।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज = वाराणसी पुलिस द्वारा वाराणसी साइबर क्राइम न्यूज की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है। अभियुक्त का यह कृत्य नए कानून के तहत दंडनीय पाया गया। दिनांक 12.07.2026 को थाना सारनाथ (कमिश्नरेट वाराणसी) पर आरोपी के खिलाफ मु0अ0सं0 372/2026 के तहत धारा 318(4) [धोखाधड़ी] एवं 319(2) [फर्जी पहचान/प्रतिरूपण द्वारा ठगी] भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत मामला पंजीकृत कर उसे जेल भेज दिया गया है।
इस त्वरित कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में प्र0नि0 मनोज तिवारी – प्रभारी साइबर सेल, उ0नि0 आलोक कुमार यादव – साइबर सेल (प्रतिबिम्ब टीम), म0उ0नि0 दिव्या भदौरिया – साइबर सेल (प्रतिबिम्ब टीम), आरक्षी अंकित गुप्ता – साइबर सेल (प्रतिबिम्ब टीम), उ0नि0 राहुल कुमार यादव – थाना सारनाथ, म0का0 अनुराधा – थाना सारनाथ,वाराणसी शामिल रहे।
bmbreakingnews.com की अपील: किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर नौकरी के नाम पर पैसों का लेनदेन न करें। रेलवे या किसी भी सरकारी विभाग में नौकरी केवल आधिकारिक परीक्षाओं और प्रक्रियाओं के माध्यम से ही मिलती है। यदि आपके साथ भी कोई ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर सेल को सूचित करें।



