वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर एक बार फिर छात्र राजनीति और पुरानी रंजिश के चलते सुर्खियों में है। बिरला ‘अ’ छात्रावास के गेट पर अपने ही साथी छात्र पर पिस्टल से जानलेवा हमला करने के मामले में महीनों से फरार चल रहे आरोपित ने आखिरकार अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले में मुख्य आरोपित 25 हजार के ईनामी बीएचयू छात्र नेता ने किया समर्पण,गया जेल। पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते दबाव के बीच आरोपित छात्र नेता ने सोमवार को पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अदालत में वकीलों के जरिए हुआ समर्पण = रोहतास (बिहार) निवासी आरोपित पूर्व छात्र नेता क्षितिज उपाध्याय पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। सोमवार को उसने अपने अधिवक्ता अनुज यादव और चंद्रबली पटेल के माध्यम से एसीजेएम (नवम) अमित कुमार यादव की अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 25 हजार के ईनामी बीएचयू छात्र नेता ने किया समर्पण,गया जेल के आदेश पर अमल करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।

क्या था पूरा मामला? = घटना 21 फरवरी 2026 की रात लगभग 9:00 से 9:30 बजे के बीच की है। लंका थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, बीए तृतीय वर्ष के छात्र रोशन मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने साथी विशाल के साथ बिरला ‘अ’ छात्रावास के मुख्य द्वार पर खड़ा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल से आए तीन बदमाशों—पीयूष कुमार तिवारी (निवासी सासाराम), ऋषभ और तपस ने हत्या की नीयत से उस पर पिस्टल से अंधाधुंध चार राउंड गोलियां चला दीं। पहली गोली पीड़ित के सर के ठीक बगल से निकली। दूसरी गोली छाती के पास से गुजर गई। जान बचाने के लिए जब पीड़ित हॉस्टल के अंदर भागा, तो पीछे से दो और फायर किए गए।

पीड़ित छात्र का आरोप था कि यह पूरा हमला पूर्व निष्कासित छात्र क्षितिज उपाध्याय और अभिषेक उपाध्याय के इशारे पर पुरानी रंजिश के कारण रचा गया था। घटना के बाद से ही परिसर में दहशत का माहौल था।

फरारी पर घोषित हुआ था 25 हजार का ईनाम = घटना के बाद लंका थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। क्षितिज उपाध्याय लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था। पुलिस की रिपोर्ट पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था और प्रशासन की ओर से उस पर 25,000 रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। अंततः पुलिस की घेराबंदी के बीच 25 हजार के ईनामी बीएचयू छात्र नेता ने किया समर्पण,गया जेल की यह कार्रवाई पूरी हुई और पुलिस अब मामले में शामिल अन्य सह-आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है।

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