वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के चर्चित चेन स्नेचिंग और पुलिस मुठभेड़ मामले में आरोपी शशिभूषण को सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। जानें पूरा मामला और कोर्ट के आदेश की मुख्य बातें bmbreakingnews.com पर।
न्यायालय में अभियुक्त की तरफ से अधिवक्ता विनय कुमार त्रिपाठी व वरुण पंडित ने पक्ष रखा
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में शिवपुर थाना क्षेत्र से जुड़े एक चर्चित मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी शशिभूषण को बड़ी राहत दी है। अदालत ने चेन स्नेचिंग और पुलिस मुठभेड़ के मामले में आरोपी शशिभूषण का जमानत प्रार्थना-पत्र स्वीकार करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी का दावा किया था, लेकिन बचाव पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने यह अहम फैसला सुनाया।
क्या है पूरा मामला? = अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह पूरा मामला वाराणसी के शिवपुर थाने का है (मुकदमा अपराध संख्या – 383 / 2026, धारा- 309(6), 117(2) बी.एन.एस.)। घटना: 24 अगस्त 2026 को वादिनी प्रिया सिंह जब बाजार से अपने किराये के मकान पर लौट रही थीं, तब गेट के पास मुंह बांधे बदमाशों ने उनकी सोने की चेन जबरन छीन ली। विरोध करने पर उन्हें धक्का दिया गया, जिससे वे गिर गईं और उनके सिर में चोट आई। गिरफ्तारी और बरामदगी: विवेचना के दौरान 27 अगस्त 2026 को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी शशिभूषण (निवासी- तार बंगला, बिजली कालोनी, रोहतास, बिहार) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी थी और उसके पास से एक तमंचा, कारतूस तथा छीनी गई पीली धातु की चेन बरामद हुई थी। पूछताछ में उसने अपने मित्र अरमान कुरैशी के साथ मिलकर यह वारदात करना स्वीकार किया था।

बचाव पक्ष और अभियोजन के बीच की मुख्य दलीलें = अभियुक्त पक्ष की तरफ से अधिवक्ता विनय कुमार त्रिपाठी व वरुण पंडित ने पक्ष रखते हुये कहा कि आरोपी शशिभूषण के अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि वह पूरी तरह निर्दोष है और उसे अज्ञात व्यक्ति के इशारे पर फंसाया गया है। वह बनारस दर्शन-पूजन के लिए आया था और अपने परिचित अरमान कुरैशी के यहां रुका था, जहां से उसे अकारण उठाकर पुलिस ने उसके पैर में गोली मार दी। उसका कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है और वह 28 अगस्त 2026 से जिला कारागार में बंद है।
सरकारी वकील का विरोध: जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने सह-अभियुक्त के साथ मिलकर लूट की गंभीर घटना को अंजाम दिया है और गिरफ्तारी के दौरान पुलिस बल पर फायरिंग भी की थी। इसलिए उसका जमानत आवेदन खारिज किया जाना चाहिए।
न्यायालय का निर्णय और शर्तें = न्यायालय सत्र न्यायाधीश, वाराणसी ने दोनों पक्षों के तर्कों और पत्रावलियों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद गुणदोष पर बिना कोई राय व्यक्त किए शशिभूषण का जमानत प्रार्थना-पत्र मंजूर कर लिया।
कोर्ट ने आरोपी को व्यक्तिगत बंधपत्र: आरोपी को 50,000/- (पचास हजार रुपये) का व्यक्तिगत बंधपत्र और उतनी ही राशि के दो प्रतिभू (सुरक्षा) संबंधित न्यायालय की संतुष्टि पर दाखिल करने होंगे। विचारण में सहयोग: अभियुक्त मुकदमे के ट्रायल में पूरा सहयोग करेगा और प्रत्येक निर्धारित तिथि पर कोर्ट में उपस्थित रहेगा। गवाहों को प्रभावित न करना: वह किसी भी गवाह को प्रलोभन या धमकी नहीं देगा। पता परिवर्तन की सूचना: अपना स्थायी या अस्थायी पता बदलने पर इसकी सूचना तुरंत न्यायालय को देनी होगी। विदेश यात्रा प्रतिबंध: वह अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़कर विदेश नहीं जा सकेगा। यदि आरोपी इनमें से किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है, तो अभियोजन पक्ष उसकी जमानत रद्द करने के लिए स्वतंत्र होगा के तहत रिहा करने का आदेश दिया।


