मामला वाराणसी के राजनारायण बेनियाबाग पार्क में पटाखा बाजार का
वाराणसी जनपद के चौक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजनारायण बेनियाबाग पार्क में समय-समय पर विभिन्न मेलों और बाजारों का आयोजन किया जाता है, जिसके लिए वाराणसी स्मार्ट सिटी द्वारा अनुमति दी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन आयोजनों के पीछे किस तरह से भोले-भाले व्यापारियों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है? यदि नहीं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं वाराणसी बेनियाबाग पार्क पटाखा बाजार से जुड़े उस काले सच को, जिसके बारे में हर व्यापारी को सतर्क रहना चाहिए।
बकरा मंडी के नाम पर व्यापारियों से लाखों की ठगी = मामला महज़ पटाखा बाजार का ही नहीं है, बल्कि इससे पहले भी बड़े पैमाने पर वित्तीय फर्जीवाड़े सामने आ चुके हैं। बीते बकरीद पर्व के दौरान बेनियाबाग पार्क में बकरा मंडी लगाने के नाम पर एक स्थानीय व्यापारी से लाखों रुपये शुल्क के रूप में वसूले गए। यह वसूली स्मार्ट सिटी वाराणसी और पार्क का टेंडर लेने वाली कंपनी के मैनेजर राजा तिवारी द्वारा कराई गई थी। पैसे जमा कराने के बाद, स्मार्ट सिटी व बेनियाबाग पार्क का ठेका लिये कम्पनी से अनुमति मिलने के बावजूद काशी विश्वनाथ मंदिर से दो किलोमीटर के दायरे का हवाला देकर स्मार्ट सिटी और मैनेजर राजा तिवारी ने बकरा मंडी लगवाने से साफ इनकार कर दिया। नतीजतन, उस व्यापारी के लाखों रुपये डूब गए, जो आज तक वापस नहीं किए गए हैं।
पिछले साल भी पटाखा बाजार के नाम पर हुआ था खेल = अब बात करते हैं दीपावली के पावन पर्व पर लगने वाले वाराणसी बेनियाबाग पार्क पटाखा बाजार की। ठीक ऐसा ही खेल पिछले साल भी खेला गया था। पिछले वर्ष एक कथित व्यापार मंडल के महामंत्री अजहर आलम अज्जू द्वारा बिना सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त किये बिना ही पटाखा बाजार लगवाने का झांसा देकर कई पटाखा व्यापारियों से लाखों रुपये वसूल लिए गए थे। लेकिन परिणाम वही ढाक के तीन पात! बकरा मंडी की तरह ही इस पटाखा बाजार का भी हस्र हुआ। स्मार्ट सिटी वाराणसी, क्षेत्रीय प्रशासन और जिला प्रशासन ने बेनियाबाग क्षेत्र को घनी आबादी का क्षेत्र बताते हुए पटाखा बाजार की अनुमति देने से इनकार कर दिया और बाजार निरस्त कर दिया गया। जिससे व्यापारियों को नुकसान का सामना करना पड़ा।
इस साल भी जारी है फर्जीवाड़े का कुप्रयास = वर्तमान समय में भी एक बार फिर से बेनियाबाग पार्क में पटाखा बाजार लगवाने का कुप्रयास किया जा रहा है। स्थानीय और विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी वाराणसी द्वारा बेनियाबाग पार्क में पटाखा बाजार लगवाने की अनुमति देने से पूरी तरह इनकार कर दिया गया है। वहीं यदि वर्तमान समय में भी पटाखा बाजार लगवाने वाले लोगो को यदि सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त है तो उस अनुमति को सार्वजनिक किया जाना आवश्यक है जिससे व्यापारियों में असमंजस की स्थिति को ख़त्म किया जा सके। अब ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि कुछ लोग इसके बावजूद व्यापारियों से शुल्क या बुकिंग के नाम पर पैसे वसूलते हैं, तो इसकी क्या गारंटी है कि बाजार लगेगा? और यदि अनुमति नहीं मिलती और बाजार रद्द होता है, तो व्यापारियों के डूबे हुए पैसे वापस मिलने की क्या गारंटी है?
इन सभी गंभीर सवालों के जवाब फिलहाल भविष्य के गर्भ में हैं, लेकिन व्यापारियों की गाढ़ी कमाई दांव पर लगने कि आशंका बनी हुई है। बीएम ब्रेकिंग न्यूज (bmbreakingnews.com) की इस मामले पर गहरी पड़ताल लगातार जारी है।




