वाराणसी (BM Breaking News)। वाराणसी के मकबूल आलम रोड (खजुरी कॉलोनी) स्थित एम्बिशन अस्पताल और उसके संचालक डॉक्टर राशिद परवेज़ एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वाराणसी एम्बिशन अस्पताल विवाद उस वक्त गहरा गया जब एक महिला मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में भारी लापरवाही, मनमाने दाम पर दवाएं बेचने और बकाया बिल न चुकाने पर घंटों शव बंधक बनाने के संगीन आरोप लगाए। मामले में पीड़िता की पत्रकार पुत्री और परिजनों ने कैंट थाना क्षेत्र की अर्दली बाजार चौकी में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे वाराणसी एम्बिशन अस्पताल विवाद ने शहर के निजी अस्पतालों में मरीजों के साथ हो रही अमानवीयता और मनमानी पर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानिए क्या है पूरा मामला? = प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामनगर की रहने वाली बानो बेगम को स्वास्थ्य संबंधी समस्या के चलते मकबूल आलम रोड स्थित डॉक्टर राशिद परवेज़ की ओपीडी में दिखाया गया था। इसके बाद मरीज को खजुरी कॉलोनी स्थित एम्बिशन अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया।

परिजनों का आरोप है कि पिछले 4 दिनों से अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीज की स्थिति में सुधार का लगातार दावा किया जा रहा था, लेकिन परिजनों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। वाराणसी एम्बिशन अस्पताल विवाद तब और बढ़ गया जब परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन बाहरी दुकानों की जगह केवल अपनी ही फार्मेसी से चार गुना अधिक कीमत पर दवाएं खरीदने के लिए मजबूर कर रहा था।

वेंटिलेटर चार्ज जमा कराया, एक घंटे बाद घोषित किया मृत = पीड़ित परिवार ने बताया कि शनिवार सुबह मरीज के पति से कथित तौर पर वेंटिलेटर का नकद चार्ज जमा कराया गया और बिना कोई रसीद दिए कुछ कागजों पर जबरन दस्तखत करा लिए गए। इसके महज एक घंटे बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया गया।

मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया, लेकिन अस्पताल प्रशासन का अमानवीय चेहरा इसके बाद देखने को मिला। वाराणसी एम्बिशन अस्पताल विवाद में परिजनों ने बताया कि बकाया ₹55,000 का भुगतान न होने तक अस्पताल ने शव सौंपने से साफ इनकार कर दिया और करीब 6 घंटे तक शव को बंधक बनाकर रखा। शाम को जब परिजनों ने जैसे-तैसे पैसों का इंतजाम कर भुगतान किया, तब जाकर शव उन्हें सौंपा गया।

मेडिकल रिपोर्ट न देने और अभद्रता का आरोप = परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मरीज के इलाज और विभिन्न जांचों से जुड़ी कोई भी मेडिकल रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई। घटना की सूचना मिलने पर जब कुछ स्थानीय पत्रकार अपने सहकर्मी की मदद के लिए अस्पताल पहुंचे, तो आरोप है कि अस्पताल संचालक ने उनके साथ तीखी बहस और अभद्रता की तथा पुलिस को बुला लिया।

मौके पर पहुंची अर्दली बाजार चौकी पुलिस ने मामले को शांत कराया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और अस्पताल संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वाराणसी एम्बिशन अस्पताल विवाद अब पुलिस जांच का विषय बना हुआ है।

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