बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने आरोपी का मजबूती से पक्ष रखा
वाराणसी (Varanasi): उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से एक बड़े मामले में कोर्ट का अहम फैसला सामने आया है। ब्याज पर पैसा लेने वाली एक दलित युवती को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म (Rape case Varanasi) करने और उसका जबरन गर्भपात कराने के आरोपी को अदालत से बड़ी राहत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) सर्वजीत सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
आरोपी विनोद यादव को मिली जमानत= वाराणसी के नरिया, साकेत नगर (लंका) निवासी आरोपी विनोद शंकर उर्फ विनोद यादव को विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) सर्वजीत सिंह की अदालत ने एक-एक लाख रुपए की दो जमानतें और बंधपत्र (Bail bond) दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत में इस चर्चित मामले में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने आरोपी का पक्ष मजबूती से रखा, जिसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।

क्या था पूरा मामला? = अभियोजन पक्ष के अनुसार, भेलूपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली वादिनी (पीड़ित युवती) ने भेलूपुर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसने करीब तीन वर्ष पूर्व नरिया, साकेत नगर (लंका) निवासी विनोद शंकर उर्फ विनोद यादव से 50,000/- रुपए ब्याज पर लिए थे।
शिकायत के मुताबिक, प्रार्थिनी को कभी-कभी ब्याज देने में थोड़ी देर या समय लग जाता था, जिसका अनुचित लाभ आरोपी विनोद यादव ने उठाया। आरोप है कि विनोद यादव ने पीड़िता पर दबाव बनाना शुरू किया और उसकी इच्छा के विरुद्ध व सहमति के बिना सिगरा स्थित परमहंस होटल में कई बार जबरन शारीरिक संबंध (दुष्कर्म) बनाए।
अश्लील वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी = पीड़ित युवती द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपी विनोद यादव ने उसे जान से मारने की धमकी दी और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोप है कि इस दौरान विनोद यादव ने प्रार्थिनी के कुछ अश्लील फोटो और वीडियो भी बना लिए थे। कुछ समय बाद जब प्रार्थिनी ने विनोद यादव का पूरा मूलधन और ब्याज समेत सारा पैसा वापस कर दिया, तब भी आरोपी का उत्पीड़न थमा नहीं। इसके बाद विनोद यादव उन अश्लील फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और प्रार्थिनी के परिवार व परिचितों को भेजकर उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने की धमकी देने लगा।
जबरन गर्भपात का गंभीर आरोप = इसी दौरान प्रार्थिनी गर्भवती हो गई। आरोप है कि जब यह बात विनोद यादव को पता चली, तो उसने उसे जबरन ऐसी दवा खिला दी, जिसके कारण उसका गर्भपात (Forced abortion case Varanasi) हो गया और गर्भ गिर गया। इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब इस मामले में कोर्ट से आरोपी विनोद शंकर उर्फ विनोद यादव को जमानत मिल गई है।


