दिल्ली-एनसीआर समेत बेंगलुरु और गुजरात में खौफ का दूसरा नाम बन चुके कुख्यात अपराधी भीम बहादुर जोरा उर्फ भीम जोरा को दिल्ली पुलिस ने सोमवार आधी रात एक मुठभेड़ में मार गिराया है। जोरा पर लूट, डकैती और हत्या जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे और पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी।
आस्था कुंज पार्क में हुआ एनकाउंटर – जानकारी के अनुसार, सोमवार देर रात दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम सेक्टर-43 क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में भीम जोरा को घेर लिया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जोरा अपने एक साथी के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।
जैसे ही क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम मौके पर पहुंची, भीम जोरा ने खुद को घिरा देख अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने उसे तुरंत सरेंडर करने को कहा, लेकिन उसने फायरिंग जारी रखी।

करीब रात 12:20 बजे तक चली इस मुठभेड़ में, जोरा ने पुलिस पर छह राउंड गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने भी पांच राउंड फायर किए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में भीम जोरा को गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। उसे तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बाल-बाल बचे इंस्पेक्टर, साथी फरार – इस एनकाउंटर में इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भीम जोरा की एक गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस ने मौके से एक आधुनिक ऑटोमेटिक पिस्टल, जिंदा कारतूस और ताले तोड़ने के औजारों से भरा एक बैग बरामद किया है।
मुठभेड़ के दौरान जोरा का साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
₹1 लाख का इनामी, लंबी है अपराध की फेहरिस्त – कुख्यात अपराधी भीम जोरा मूल रूप से नेपाल का रहने वाला था और पिछले करीब 20 सालों से भारत में सक्रिय था। वह दिल्ली, गुरुग्राम, बेंगलुरु और गुजरात समेत कई राज्यों में डकैती, हत्या और चोरी जैसी संगीन वारदातों में वॉन्टेड था। दिल्ली पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।

हाल ही में 2 अक्टूबर को उसने अपने साथी युवराज थापा के साथ मिलकर गुरुग्राम सेक्टर-49 की ओर्किड पेटल सोसाइटी में भाजपा महरौली जिला उपाध्यक्ष ममता भारद्वाज के घर से करीब 22 लाख रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इस चोरी की योजना घर के नौकर युवराज थापा की मदद से बनी थी, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, तभी भीम जोरा का नाम सामने आया था।
इसके अलावा, साल 2024 में उसने अपने साथियों के साथ नई दिल्ली के जंगपुरा इलाके में डॉक्टर योगेश चंद्र पॉल के घर पर डकैती डाली थी और वारदात के दौरान डॉक्टर की हत्या भी कर दी थी। इसी हत्या के मामले में वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी तलाश थी।
पुलिस का कहना है कि भीम जोरा नेपाल से आकर दिल्ली-एनसीआर में एक आपराधिक नेटवर्क चला रहा था और वारदातों को अंजाम देने के बाद अक्सर नेपाल भाग जाता था। फिलहाल पुलिस फरार साथी की तलाश में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि हाल के दिनों में हुई अन्य आपराधिक घटनाओं में उसकी कोई भूमिका थी या नहीं।






