उत्तर प्रदेश की पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील, मानवीय और तनावमुक्त बनाने की दिशा में वाराणसी कमिश्नरेट ने एक सराहनीय कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के कुशल नेतृत्व, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय के मार्गदर्शन तथा अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध नम्रिता श्रीवास्तवा के पर्यवेक्षण में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस विभाग और पीरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कमिश्नरेट वाराणसी के समस्त थानों के मिशन शक्ति केंद्रों में नियुक्त 200 पुलिसकर्मियों के लिए दो दिवसीय कॉग्निटिवली बेस्ड कम्पैशन ट्रेनिंग (सीबीसीटी कार्यशाला) का सफल समापन हुआ।

मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन पर जोर = आज के समय में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी अत्यंत तनावपूर्ण होती है, ऐसे में उनके मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से यह सीबीसीटी कार्यशाला बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है। इस प्रशिक्षण में मिशन शक्ति केंद्र की महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं तनाव प्रबंधन और आत्म-जागरूकता: कठिन परिस्थितियों में खुद को शांत रखना और अपनी भावनाओं को समझना। सहानुभूति और करुणा: नागरिकों के साथ अधिक संवेदनशील और मानवीय व्यवहार करना। प्रभावी संवाद: जनता के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित कर पुलिस और पब्लिक के बीच विश्वास को और मजबूत करना, को बारीकी से समझा।

ध्यान, मेडिटेशन और समूह चर्चा से बना व्यावहारिक सत्र = यह प्रशिक्षण केवल पारंपरिक व्याख्यानों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसे पूरी तरह से सहभागितापूर्ण बनाया गया था। सीबीसीटी कार्यशाला के तहत प्रतिभागियों को स्टेबिलिटी एंड मेडिटेशन (स्थिरता एवं ध्यान) के विभिन्न अभ्यास कराए गए। इससे पुलिसकर्मियों को एकाग्रता बढ़ाने और उच्च तनाव वाली स्थितियों में भी मानसिक स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है।

कार्यशाला के दौरान पुलिसकर्मियों ने अपने कार्यक्षेत्र के अनुभव साझा किए और यह सीखा कि कैसे वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम जनता के साथ अधिक धैर्य और संवेदनशीलता के साथ पेश आ सकते हैं। फैसिलिटेटर एवं सीनियर प्रोग्राम मैनेजर संतोष सिंह, तृप्ति मिश्रा, सीमा चक्रवर्ती और ऐमन शाहीन की सक्रिय सहभागिता ने इस पूरे सत्र को और अधिक प्रभावी बनाया।

संवेदनशील पुलिसिंग की ओर एक मजबूत कदम = वाराणसी पुलिस का यह प्रयास न केवल पुलिसकर्मियों के व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी और अधिक धार देगा। मिशन शक्ति केंद्रों पर तैनात कर्मियों के लिए आयोजित यह सीबीसीटी कार्यशाला इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक पुलिसिंग अब केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनहित और मानसिक सुदृढ़ता पर भी समान रूप से ध्यान केंद्रित कर रही है।

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